चावल उत्पादन का परचम : तीन बार राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार

चावल उत्पादन  का परचम : तीन बार राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार

छत्तीसगढ़  ————————————–    दलहन की खेती में भी छत्तीसगढ़ के किसानों ने शानदार कामयाबी का परचम लहराया है। चावल उत्पादन में तीन बार राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद राज्य को भारत सरकार द्वारा अब दलहन की खेती के लिए भी राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकार को भेजी गई चिट्ठी में यह जानकारी दी है। इस पुरस्कार के लिए राज्य का चयन वर्ष 2014-15 में दलहनी फसलों के उत्पादन में शानदार प्रदर्शन पर किया गया है। यह पुरस्कार प्रशंसा पत्र सहित दो करोड़ रूपए का होगा। नई दिल्ली में पुरस्कार वितरण समारोह जल्द आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रदेश के दलहन उत्पादक किसानों सहित कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल और कृषि विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी बधाई संदेश में कहा है कि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश के मेहनतकश किसान अब धान के साथ-साथ दलहनी फसलों की खेती में भी दिलचस्पी लेने लगे हैं।

हमारे किसानों ने दलहन के क्षेत्र में राज्य को राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार के लिए चयनित होने का गौरव दिलाया है। प्रदेश के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस उपलब्धि के लिए किसानों और विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बधाई दी है। श्री अग्रवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश खेती-किसानी के क्षेत्र में भी लगातार तरक्की की राह पर तेजी से अग्रसर है। राज्य में वर्ष 2014-15 में सात लाख 85 हजार हेक्टेयर रकबे में दलहनी फसलों की खेती की गई। इसमें छह लाख 55 हजार मीटरिक टन की पैदावार मिली, जो वर्ष 2013-14 में तुलना में 39 प्रतिशत अधिक है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एस.के. मल्होत्रा ने प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अजय सिंह को भेजे गए पत्र में यह खुशखबरी दी है कि राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार के लिए दलहन श्रेणी में छत्तीसगढ़ राज्य का चयन वर्ष 2014-15 के लिए किया गया है। केन्द्रीय कृषि उत्पादन आयुक्त ने इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विभाग की प्रशंसा करते हुए लिखा है कि विभाग द्वारा उन्नत कृषि तकनीकों के साथ किसानों को अपनी सेवाएं दी गई ।

 किसानों ने इस दिशा में यह असाधारण उपलब्धि हासिल की है। केन्द्रीय कृषि उत्पादन आयुक्त ने पत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, कृषि उत्पादन आयुक्त और कृषि विभाग  संचालक को भी पुरस्कार वितरण समारोह में आमंत्रित किया है।

यह भी उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक चावल उत्पादन के लिए वर्ष 2010-11, वर्ष 2012-13 और वर्ष 2013-14 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर तीन बार भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

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