1974 से अब तक के सभी प्रमुख जन आंदोलनों पर एक विस्तृत रिपोर्ट

1974 से अब तक के सभी प्रमुख जन आंदोलनों पर एक विस्तृत रिपोर्ट

सुरिंदर छावड़ा —– केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर सरकार 1974 से अब तक के सभी प्रमुख जन आंदोलनों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस रिपोर्ट में आंदोलनों के कारण, फंडिंग के स्रोत, पैटर्न और परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा।

भविष्य के प्रदर्शनों को संभालने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कदम सरकार की सतर्कता को दर्शाता है, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जन आंदोलन सरकारें गिरा रहे हैं।

रिपोर्ट का उद्देश्य और दायरा
मोदी सरकार ने 1974 से शुरू होकर वर्तमान तक के सभी जन आंदोलनों का अध्ययन करने का फैसला किया है। इसकी कमान पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) को सौंपी गई है। BPR&D एक टीम गठित करेगी, जो राज्य पुलिस विभागों के साथ मिलकर पुरानी CID रिपोर्ट्स और केस फाइलों की समीक्षा करेगी।

रिपोर्ट में न केवल आंदोलनों के कारणों पर फोकस होगा, बल्कि पर्दे के पीछे सक्रिय ‘छिपे हुए खिलाड़ियों’ की पहचान भी की जाएगी।

अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आंदोलनों को फंड करने वाले नेटवर्क और स्रोतों की गहन जांच हो। “आंदोलनों को फंड किए जाने वाले पहलुओं की जांच के भी निर्देश दिए हैं,” जैसा कि शाह ने कहा। यह अध्ययन भविष्य में सुनियोजित आंदोलनों को रोकने में मददगार साबित होगा।

अमित शाह के प्रमुख निर्देश
दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी कॉन्फ्रेंस 2025 के दौरान अमित शाह ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को जन आंदोलनों की समीक्षा कर SOP तैयार करने को कहा गया।

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