सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों में सुशासन और रोजगार सृजन

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों में सुशासन और रोजगार सृजन
 पेसूका ————–  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री कलराज मिश्र ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों में सूचना प्रौद्यगिकी पर जोर दिया है ताकि सुशासन और रोजगार सृजन संभव हो सके। उन्होंने आज यहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के आला अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि उद्योग आधार पर केंद्रित उद्योग आधार मैमोरेन्डम (यूएएम) उद्यमियों के बीच लोकप्रिय हो रहा है और हर दिन 4000 से अधिक यूएएम फाइल किये जा रहे हैं।

 21 जनवरी, 2016 को सचिवों के समूह के साथ बातचीत के अंतिम सत्र में प्रधानमंत्री के वक्तव्य के क्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री कलराज मिश्र और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री श्री गिरीराज सिंह ने आज यहां मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। सचिव समूह ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की कार्ययोजना के संबंध में दी गई रिपोर्ट के मद्देनजर निम्नलिखित बिंदु पेश किए थे –

I.            सुशासन-चुनौतियां और अवसर

II.            रोजगार सृजन रणनीतियां

III.            कृषि और सम्बंधित क्षेत्रों में किसान अनुकूल पहलें

IV.            शिक्षा और स्वास्थ्य-सार्वभौमिक सुगमता और गुणवत्ता

V.            नवाचार संबंधी बजटीय प्रावधान और कारगर कार्यान्वयन

VI.            समावेश और समानता के आधार पर तीव्र वृद्धि

VII.            स्वच्छ भारत और गंगा संरक्षण – लोगों की भागीदारी और निरंतरता

VIII.            ऊर्जा कुशलता और संरक्षण

उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2018 तक सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल केबल के जरिये तेज गति की ब्रॉडबैंड सम्पर्कता के लिए कार्ययोजना के महत्व को दृष्टि में रखते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री कलराज मिश्र ने मैदानी स्तर पर कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कदमों की चर्चा की। प्रस्तुतिकरण के दौरान श्री मिश्र ने कहा कि मंत्रालय की सूचना, शिक्षा और संचार योजना को जल्द अंतिम रूप दे दिया जाए ताकि उद्यमियों को मंत्रालय की प्रक्रियाओं और नियमों की जानकारी हो सके।

 

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