• October 29, 2015

विधि विभाग की समीक्षा -विधि मंत्री

विधि विभाग की समीक्षा -विधि मंत्री

जयपुर – विधि मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से संबंधित अपीले सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में निर्धारित समयावधि में पेश किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। बच्चों के लैंगिक उत्पीडऩ से संबंधित कानून के मामलों में अलग से न्यायालय खोलने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
श्री राठौड़ बुधवार को सायं स्वास्थ्य भवन में विधि विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने लोक अभियोजकों की सफलता प्रतिशत का आंकलन कर कम सफलता दर वाले लोक अभियोजकों को अलग से प्रशिक्षण प्रदान कराने के निर्देश दिये।
विधि मंत्री ने विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों में समयबाधित अपील की समस्या को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख शासन सचिवों को सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में पेश की जाने वाली अपीले निर्धारित समयावधि में ही प्रस्तुत करवाने पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित करने के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि नियत समय पर अपीले पेश कर उन पर आवश्यकतानुसार स्थगन भी प्राप्त किये जायें। उन्होंने कहा कि अपील योग्य मुद्दों पर ही अपीले पेश की जायें।
श्री राठौड़ ने बच्चों के विरूद्घ उत्पीड़न से संबंधित बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए एवं पोस्को कानून से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए अलग से न्यायालय स्थापित किये जाने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के निर्देश दिये। उन्होंने लोक अभियोजकों एवं अपर लोक अभियोजकों की सफलता दर का आंकलन कर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने विधि विभाग के अधिकारियों को लोक अभियोजकों के कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिये।
विधि मंत्री ने प्रदेश में वैकल्पिक वाद निस्तारण केन्द्र स्थापित करने के कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अब तक भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित छह जिलों में यह केन्द्र स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध करवाने के लिए यथाशीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव विधि श्री दीपक माहेश्वरी, विधि सचिव श्री अनूप कुमार सक्सैना एवं संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

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