लौह अयस्‍क की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक समझौते का नवीनीकरण

लौह अयस्‍क की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक समझौते का नवीनीकरण

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आज अप्रैल 2015 से मार्च 2018 तक तीन वर्ष की अवधि के दौरान उच्‍च ग्रेड के भारतीय लौह अयस्‍क की आपूर्ति के लिए जापानी और दक्षिण कोरियाई इस्‍पात मिलों के साथ दीर्घकालिक समझौते के नवीनीकरण को आज मंजूरी दे दी।

समझौते के अंतर्गत शामिल मात्रा प्रति वर्ष 3.8 मिलियन टन से 5.5 मिलियन टन होगी और इसकी आपूर्ति मुख्‍य रूप से राष्‍ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) की खानों से की जाएगी। यह ठेका वाणिज्‍य विभाग के अंतर्गत भारतीय धातु और खनिज व्‍यापार निगम लिमिटेड (एमएमटीसी) द्वारा अमल में लाया जाएगा।

भारत पिछले चार से पांच दशक से जापान और दक्षिण कोरिया को उच्‍च ग्रेड के लौह अयस्‍क की आपूर्ति कर रहा है। इस समझौते से भारत और जापान के बीच प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण, संयुक्‍त उद्यम, निवेश्‍ आदि सहित आपसी हित के अनेक क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

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