- November 28, 2014
यमुना नदी की सफाई : गंगा की सफाई – जल संसाधन मंत्रालय
भारत सरकार ने सोनीपत शहर तथा हरियाणा के पानीपत में यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के लिए 217.87 करोड़ रुपए की दो परियोजनाओं के लिए मंजूरी दी है।
इसके अलावा शहरी विकास मंत्रालय (एमओयूडी) की परियोजना जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूवल मिशन (जेएनएनयूआरएम) पर दिल्ली जलबोर्ड कार्य कर रहा है। तीन प्रमुख नालों नजफगढ़, सप्लीमेंटरी और दिल्ली में शाहदरा के यमुना नदी में बहने की पाबंदी के लिए दिल्ली जल बोर्ड इंटरसेप्टर सीवर परियोजना लागू कर रहा है। इस पर 1357.71 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
दिल्ली के लिए वाईएपी-3 योजना के लिए धन जेआईसीए द्वारा दिया जा रहा है। इसको पूरा करने की समयावधि दिसंबर-2018 निश्चित की गई है तथा इंटरसेप्टर सीवर परियोजना को पूरा करने की समयावधि जून-2015 तय की गई है।
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गंगा के पूरे क्षेत्र में अभिज्ञात उचित स्थानों पर जल तथा प्रवाह गुणवत्ता, आईटी सक्षम प्रणाली का उपयोग करने, आदि जैसे गंगा संरक्षण के गंभीर पहलुओं की निगरानी के लिए नोडल केन्द्र के रूप में राष्ट्रीय गंगा निगरानी केन्द्र (एनजीएमसी) की संकल्पना की गई है। पेय जल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने 1508.76 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 1649 ग्राम पंचायतों को गंगा नदी के किनारे खुले में शौच करने से मुक्त करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। इसके अतिरिक्त, गंगा नदी के किनारे स्थित 118 शहरी निवास स्थलों पर सीवरेज अवसंरचना को उचित कवरेज हेतु विस्तारित करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय द्वारा अस्थायी रूप से अभिज्ञात किया गया है।

