- May 6, 2025
मॉक ड्रिल: 07 मई 2025, से 08 मई 2025
NDTV INDIA : भारत ने पाकिस्तान सीमा पर युद्धाभ्यास के लिए NOTAM यानि नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम जारी किया है. देशभर के 244 जिलों में 7 मई को मॉक ड्रिल होने जा रही है. इस नोटम को इससे जोड़कर ही देखा जा रहा है. दरअसल, नोटम ऐसे नोटिस को कहा जाता है, जिसमें किसी वैमानिकी सुविधा, सेवा, प्रक्रिया या खतरे की स्थापना, स्थिति या परिवर्तन से संबंधित जानकारी होती है. पाकिस्तान सीमा से सटे कई जिलों में भी 7 मई को मॉक ड्रिल हो सकती है, ऐसे में भारत ने पहले ही नोटम जारी कर दिया है.
भारतीय वायु सेना का NOTAM राजस्थान के SWAC AOR क्षेत्र में होगा, जो पाकिस्तान सीमा पर सेक्टर राइट में स्थित है. इसमें 07 मई 2025, से 08 मई 2025, तक लगेगा.
NOTAM का दायरा कराची और भोलारी के निकट सामरिक हवाई क्षेत्र को कवर करता है. भोलारी में पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) के F-16 जेट, AWACS विमान तैनात हैं. वहीं भोलारी हाल ही में चीन-पाकिस्तान संयुक्त शाहीन अभ्यास का केंद्र रहा.
2019 के बालाकोट हमले के दौरान PAF का ध्यान भटकाने के लिए इसी तरह के हवाई क्षेत्र का उपयोग किया गया था. भारत ने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण एयरबेस के पास अपनी तत्परता बढ़ाने का संकेत दिया है.
देशभर में मॉक ड्रिल की तैयारी
पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 बेगुनाहों की हत्या कर दी गई, इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया. साथ ही पूरी दुनिया ने इस घटना की कड़ी निंदा की. तबसे भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है और भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े एक्शन भी लिए. इसके बाद गृह मंत्रालय ने राज्यों को मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए हैं. इसमें हवाई हमले की चेतावनी सायरन, कंट्रोल रूम, वायुसेना से हॉटलाइन, और महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे अग्निशमन की जांच होगी.
इस मॉक ड्रिल में हवाई हमले की स्थिति में ब्लैकआउट और आपातकालीन निकासी का भी अभ्यास होगा. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे कई छोटे-बड़े शहरों में बिजली संयंत्र, कारखाने और सार्वजनिक ढांचों को छिपाने का अभ्यास होगा. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को जवाबी कार्रवाई की छूट दी है.
गृह मंत्रालय ने राज्यों को मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए हैं. इसमें हवाई हमले की चेतावनी सायरन, कंट्रोल रूम, वायुसेना से हॉटलाइन, और महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे अग्निशमन की जांच होगी. इस मॉक ड्रिल में हवाई हमले की स्थिति में ब्लैकआउट और आपातकालीन निकासी का भी अभ्यास होगा.
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में बिजली संयंत्र, कारखाने और सार्वजनिक ढांचों को छिपाने का अभ्यास होगा.
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद पहला ऐसा अभ्यास है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को जवाबी कार्रवाई की छूट दी है, जिससे पाकिस्तानी सेना के भारतीय शहरों पर हमले की आशंका बढ़ गई है.

