- August 26, 2025
गुजरात के अहमदाबाद में 5,400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण
PIB Delhi,——- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद में 5,400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया।
श्री मोदी ने कहा कि दुनिया ने देखा है कि भारत ने पहलगाम हमले का बदला कैसे लिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सशस्त्र बलों के पराक्रम संकल्प का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत ने आत्मनिर्भरता को विकसित राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला बना दिया है।
भारत अपने किसानों, मछुआरों, पशुपालकों और उद्यमियों की ताकत के माध्यम से इस मार्ग पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
गुजरात में बड़ी संख्या में पशुपालक हैं। उन्होंने कहा कि भारत का डेयरी क्षेत्र शक्ति का स्रोत है और इसने देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है।
अहमदाबाद की धरती से, श्री मोदी ने दृढ़ता से कहा कि लघु उद्यमियों, दुकानदारों, किसानों और पशुपालकों का कल्याण उनके लिए सर्वोपरि है।
श्री मोदी ने कहा, “गुजरात आत्मनिर्भर भारत अभियान को तीव्र गति प्रदान कर रहा है। यह प्रगति दो दशकों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज, गुजरात में सभी प्रकार के उद्योगों का विस्तार हो रहा है।”
दाहोद की अपनी हाल की यात्रा को याद करते हुए, जहाँ रेल कारखाने में शक्तिशाली इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन बनाए जा रहे हैं, श्री मोदी ने कहा कि गुजरात में बने मेट्रो कोच अब दूसरे देशों को निर्यात किए जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि गुजरात में मोटरसाइकिल और कारों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है।
उन्होंने बताया कि गुजरात पहले से ही विभिन्न विमान घटकों का उत्पादन और निर्यात कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि वडोदरा ने अब परिवहन विमानों का निर्माण शुरू कर दिया है।
गुजरात इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सेमीकंडक्टर के बिना नहीं बनाए जा सकते।
श गुजरात सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक प्रमुख नाम बनने की ओर अग्रसर है।
गुजरात ने वस्त्र, रत्न और आभूषण उद्योग में अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने आगे कहा कि दवाइयों और टीकों सहित दवा उत्पादन के क्षेत्र में देश का लगभग एक-तिहाई निर्यात गुजरात से होता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत सौर, पवन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और इस प्रगति में गुजरात का योगदान सबसे ज़्यादा है।”
गुजरात हरित ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। पेट्रोकेमिकल आवश्यकताओं को पूरा करने में गुजरात महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
श्री मोदी ने उल्लेख किया कि प्लास्टिक उद्योग, सिंथेटिक फाइबर, उर्वरक, दवाइयाँ, पेंट उद्योग और सौंदर्य प्रसाधन – सभी पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर बहुत बल दिया जा रहा है और नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 20-25 वर्षों में गुजरात की परिवहन संपर्क सुविधा में आमूलचूल परिवर्तन आया है।
कई सड़क और रेल संबंधी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है।
श्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल रिंग रोड के नाम से प्रसिद्ध सर्कुलर रोड को अब चौड़ा किया जा रहा है और इसे छह लेन वाली सड़क में विकसित किया जा रहा है। इस विस्तार से शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में यातायात की भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि वीरमगाम-खुदराद-रामपुरा रोड को चौड़ा करने से क्षेत्र के किसानों और उद्योगों को लाभ होगा।
श्री मोदी ने याद करते हुए कहा कि आज बीआरटीएस जनमार्ग और एसी-इलेक्ट्रिक बसों ने आधुनिक सुविधाएँ प्रदान की हैं।
मेट्रो रेल नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने उल्लेख किया कि गुजरात का हर शहर एक बड़े औद्योगिक गलियारे से घिरा हुआ है।
दस साल पहले तक पत्तनों और ऐसे औद्योगिक केंद्रों के बीच उचित रेल संपर्क का अभाव था।
श्री मोदी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, उन्होंने गुजरात में इस मुद्दे पर ध्यान देना शुरू किया। पिछले ग्यारह वर्षों में राज्य भर में लगभग 3,000 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, गुजरात का पूरा रेलवे नेटवर्क अब पूरी तरह से विद्युतीकृत हो चुका है।
श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार शहरी गरीबों के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है, उन्होंने रामापीर नो टेकरो को इस प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों को 1,500 पक्के घरों का आवंटन अनगिनत नए सपनों की नींव रखे जाने को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की भव्य प्रतिमा का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिस तरह स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी देश और दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
श्री मोदी ने कहा कि जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद, साबरमती आश्रम शांति के लिए दुनिया की सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में उभरेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मजदूर परिवारों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करना उनकी सरकार का प्रमुख मिशन रहा है।”
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले कुछ वर्षों में, ऐसी कई आवास परियोजनाएँ पूरी हुई हैं, जिनमें झुग्गियों की जगह सम्मानजनक निवास-स्थल बनाये गए हैं और यह अभियान जारी रहेगा।
श्री मोदी ने कहा कि वे उपेक्षित लोगों की पूजा करते हैं, शहरी गरीबों के जीवन में सुधार उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट-वेंडर) और फुटपाथ पर काम करने वालों की पहले उपेक्षा की जाती थी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी मदद के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, देश भर के लगभग 70 लाख रेहड़ी-पटरी वालों और ठेला चलाने वालों को बैंकों से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले ग्यारह वर्षों में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी से मुक्ति पाई है।
श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “हमारी सरकार नव मध्यम वर्ग और पारंपरिक मध्यम वर्ग, दोनों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है।”
उन्होंने बताया कि 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर-मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने आगे घोषणा की कि सरकार अब जीएसटी प्रणाली में सुधार कर रही है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के तहत बिजली के बिलों को शून्य पर लाने को रेखांकित करते हुए।
उन्होंने बताया कि अकेले गुजरात में इन परिवारों को सरकार द्वारा 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की गई है।
श्री मोदी ने कहा एक समय था जब लोग अहमदाबाद को “गर्दाबाद” कहकर उसका मजाक उड़ाते थे, श्री मोदी ने बताया आज अहमदाबाद अपनी स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अहमदाबाद के लोगों ने इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया।
साबरमती रिवरफ्रंट अब शहर का गौरव बढ़ा रहा है।
कांकरिया झील का पानी कभी हरा और खरपतवारों के कारण बदबूदार हुआ करता था, लेकिन आज यह झील बेहतरीन मनोरंजन स्थलों में से एक बन गई है।
कांकरिया कार्निवल अब शहर की एक नई पहचान बन गया है।
अहमदाबाद यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर शहर के रूप में मान्यता दी गया है।
श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि एक लाख लोगों की क्षमता वाला अहमदाबाद स्टेडियम एक प्रमुख आकर्षण बन गया है।
उन्होंने सभी को याद दिलाया कि सच्चा उपहार वही है जो भारत में बना हो—भारतीय नागरिकों के हाथों से तैयार किया गया हो। उन्होंने दुकानदारों से भी भारतीय निर्मित उत्पादों को गर्व से बेचने की अपील की।
विश्व स्तरीय अवसंरचना और परिवहन-संपर्क सुविधा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेल परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें 530 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 65 किलोमीटर लंबी महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, 37 किलोमीटर लंबी कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन का आमान परिवर्तन और 860 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 40 किलोमीटर लंबी बेचराजी-रानुज रेल लाइन शामिल हैं।
बड़ी-लाइन क्षमता के साथ, ये परियोजनाएँ क्षेत्र में सुगम, सुरक्षित और अधिक निर्बाध परिवहन-संपर्क सुविधा सुनिश्चित करेंगी। इससे दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए यात्रा आसान हो जायेगी।
क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने से धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुँच उपलब्ध होगी और जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
बेचराजी से मालगाड़ी सेवा राज्य के औद्योगिक केंद्रों से परिवहन-संपर्क सुविधा बढ़ाएगी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करेगी और रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
प्रधानमंत्री ने वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क को चौड़ा करने के परियोजना का उद्घाटन किया।
उन्होंने अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर मार्ग पर छह लेन वाले वाहन अंडरपास और अहमदाबाद-वीरमगाम मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला भी रखी। सामूहिक रूप से, ये पहल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगी, परिवहन दक्षता और आर्थिक अवसरों को बेहतर बनाएंगी।
राज्य में बिजली क्षेत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री ने उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (यूजीवीसीएल) के तहत अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में बिजली वितरण परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनका उद्देश्य पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना के तहत घाटे को कम करना, नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना और अवसंरचना को मजबूत करना है। 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ये परियोजनाएँ प्रतिकूल मौसम के दौरान बिजली की रुकावटों और कटौती को कम करेंगी, जन सुरक्षा, ट्रांसफार्मर सुरक्षा और बिजली आपूर्ति नेटवर्क की विश्वसनीयता में सुधार लाएँगी।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के यथास्थित स्लम पुनर्वास घटक के अंतर्गत रामापीर नो टेकरो के सेक्टर-3 स्थित स्लम विकास परियोजना का उद्घाटन किया। उन्होंने अहमदाबाद के आसपास सरदार पटेल रिंग रोड पर यातायात प्रवाह को सुगम बनाने और परिवहन-संपर्क सुविधा में सुधार के लिए कार्यान्वित की जा रही सड़क चौड़ीकरण की प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। उन्होंने जल और सीवरेज प्रबंधन प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख शहरी अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा अदायगी को सुदृढ़ करते हुए, प्रधानमंत्री ने गुजरात में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसमें अहमदाबाद पश्चिम में एक नए स्टाम्प एवं पंजीकरण भवन का निर्माण शामिल होगा, जिसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार लाना है। इसके अलावा गांधीनगर में एक राज्य-स्तरीय डेटा संग्रहण केंद्र की स्थापना की जायेगी, जिसे पूरे गुजरात में सुरक्षित डेटा प्रबंधन और डिजिटल शासन क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

