बहादुरगढ़–राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत खसरा तथा रूबैला रोग के प्रति सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शहर के नागरिक अस्पताल परिसर में विधायक नरेश कौशिक की मौजूदगी में टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ।

अभियान के शुभारंभ अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा खसरा और रूबैला टीकाकरण के तहत टीके लगाए गए तथा मुख्यातिथि विधायक नरेश कौशिक ने टीकाकरण कार्ड वितरित करते हुए अभिभावकों को जागरूक किया। नागरिक अस्पताल परिसर में पहुंचने पर विधायक नरेश कौशिक का स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया।
विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ ही उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने टीकाकरण करवाने आए अभिभावकों को जागरूक करते हुए कहा कि खसरा और रूबैला टीकाकरण अभियान में 9 माह से 15 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों को यह टीका लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बचपन सुरक्षित व महफूज रहे इसके लिए समयानुसार इस प्रकार के अभियान चलाते हुए सुरक्षित भविष्य की नींव को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान में बहादुरगढ़ क्षेत्र के करीब 48 हजार बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और करीब एक माह में ही स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से बच्चों को कवर किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खसरा-रूबैला का टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं और इसके कोई भी दुष्प्रभाव नहीं हैं। उन्होंने सभी को इस सामूहिक अभियान में भागीदारी निभाते हुए निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करने को कहा ताकि देश का भविष्य सुरक्षित हो।
उन्होंने कहा कि खसरे को खत्म करने तथा रूबैला पर नियंत्रण करने के लिए हमें कृतसंकल्प होना होगा और जिस प्रकार पल्स पेालियो अभियान चलाकर इस रोग पर पूर्णतया रोक लगाने का काम जनभागीदारी के साथ किया है ठीक उसी प्रकार खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान को भी सफल बनाते हुए हमें इन रोगों पर रोक लगानी होगी।
नागरिक अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डा.मंजू कादियान ने बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है जोकि वायरस द्वारा फैलता है। बच्चों में खसरे के कारण विकलांगता तथा असमय मृत्यु तक हो सकती है। वहीं रूबैला रोग एक संक्रामक रोग है और वायरस से ही यह रोग फैलता है। इसके लक्षण खसरा रोग जैसे ही होते हैं। यह लड़के या लड़की दोनों को संक्रमित कर सकता है।
यदि कोई महिला गर्भावस्था के शुरूआती चरण में इससे संक्रमित हो जाए तो कंजेनिटल रूबैला सिंड्रोम हो सकता है जोकि उसके भ्रूण तथा नवजात शिशु के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने बताया कि सामूहिक अभियान में बच्चों को यह टीका प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी द्वारा ही लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्लम एरिया में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम भी पहुंचेंगी ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके।
इस मौके पर अभियान के नोडल अधिकारी एवं एसएमओ डा.जयमाला, डा.गगन, एसएमओ डा.वीरेंद्र अहलावत, डा.देविंद्र मेघा, डा.मुकेश इंदौरा, डा.अश्विनी, डा.प्रीति यादव, डा.विनय देशवाल सहित भाजपा नेता महेश कुमार, राजपाल शर्मा, धर्मवीर वर्मा तथा कृष्ण चंद्र सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
