क्षमावाणी महापर्व का आयोजन : क्षमा से ही दुनिया में शांति और अहिंसा स्थापित हो सकती है – मुख्यमंत्री श्री चौहान

क्षमावाणी महापर्व का आयोजन : क्षमा से ही दुनिया में शांति और अहिंसा स्थापित हो सकती है – मुख्यमंत्री श्री चौहान

सर्वधर्म समभाव की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर क्षमावाणी महापर्व का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि क्षमा सबसे सुन्दर शब्द है। क्षमा केवल वीर ही कर सकते हैं और क्षमा से ही दुनिया में शांति और अहिंसा स्थापित हो सकती है।

श्री चौहान ने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं को जीत ले वही महावीर है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कल्याण और इसे उत्तम तरीके से संचालित करने के लिये भगवान महावीर का एक ही सन्देश काफी है – जियो और जीने दो। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि समाज में क्षमा के गुण का विस्तार करने में हर संभव सहयोग दें। केवल क्षमा का गुण ही दुनिया को विनाश के रास्ते पर जाने से रोकेगा।

श्री चौहान ने कहा कि मुनिश्री आचार्य विद्यासागर जी की मुनि दीक्षा के 50 वर्ष पूरे होने की स्मृति में एक डाक टिकट और एक सिक्का जारी करने के लिये भारत सरकार को अनुरोध पत्र लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री की किताब ‘मूक माटी’ के प्रासंगिक अंशों को अटल बिहारी हिन्दी विश्वविद्यालय के पाठयक्रम में जोड़ने पर विचार किया जायेगा। कार्यक्रम में श्री चौहान ने मूर्धन्य संगीतकार श्री रवीन्द्र जैन को श्रद्धांजलि दी।

वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवान महावीर जी के आदर्शों पर चल रहे हैं। प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष श्री नन्दकुमार सिंह चौहान ने कहा कि अहंकार ही हिंसा की जड़ है। अहंकार नष्ट होता है क्षमा से। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री करुणा भाव से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अहिंसा के भाव का विस्तार होना चाहिये।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन, योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन, सांसद श्री मेघराज जैन, श्री अशोक जैन भाभा,
मेयर भोपाल श्री आलोक शर्मा और बड़ी संख्या में जैन समाज के प्रतिनिधि एवं सभी धर्मों के धर्मगुरु उपस्थित थे। संचालन श्री नितिन नांदगांवकर ने किया।

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