कोयले की बि‍क्री के लिए कोयला खानों/ब्‍लॉक्‍स के आवंटन हेतु अग्रिम भुगतान और आरक्षित मूल्‍य निर्धारित करने के तौर तरीके

कोयले की बि‍क्री के लिए कोयला खानों/ब्‍लॉक्‍स के आवंटन हेतु अग्रिम भुगतान और आरक्षित मूल्‍य निर्धारित करने के तौर तरीके

आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति  —————————प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत केंद्र और राज्‍य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को मझोले, छोटे और कुटीर उद्योगों को कोयले की बिक्री करने के लिए कोयला खानों के आवंटन को मंजूरी दे दी है।

इससे कोयले के घरेलू उत्‍पादन में वृद्धि होगी, जिससे राष्‍ट्रीय अर्थव्‍यवस्‍था की मांग को पूरा किया जा सकेगा, जिसके फलस्‍वरूप आयात पर निर्भरता में कमी आएगी। कोयले के भंडार वाले राज्‍यों को इन कोयला खानों से अतिरिक्‍त राजस्‍व की प्राप्ति होगी, जो पट्टे की अवधि/ खान के जीवन काल के दौरान, मासिक आधार पर उत्‍पादित होने वाले कोयले की मात्रा पर मिलने वाली रॉयल्‍टी की मात्रा के समकक्ष होगा। साथ ही साथ एकमुश्‍त अग्रिम भुगतान, जो आवंटन के प्रथम वर्ष में खान में कोयले के यथार्थ मूल्‍य का 10 प्रतिशत है, वह भी तीन किस्‍तों में प्राप्‍त होगा।

इससे कोयला खानों से उत्‍पादित होने वाले कोयले की मात्रा में वृद्धि होने की सम्‍भावना है, जिससे देश की, विशेषकर मझोले, लघु और सूक्ष्‍म उद्योगों की कोयले की मांग पूरी हो सकेगी तथा मांग और आपूर्ति के अंतर को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply