- April 2, 2016
स्वच्छ भारत मिशन में सफलता की डगर पर उदयपुर – डॉ. दीपक आचार्य, उप निदेशक
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(सूचना एवं जनसंपर्क)——– प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत उदयपुर जिले में स्वच्छता से संबधित विभिन्न गतिविधियों का सुनियोजित रणनीति अपना कर बेहतर सूत्रपात किया जा रहा है। जिला स्वच्छता मिशन के प्रयासों से जिले में खुले में शौच जाने की प्रवृत्ति थमती जा रही है और घरों में शौचालय निर्माण का कार्य हर तरफ युद्धस्तर पर जारी है।
जिले में आम ग्रामीणों तक स्वच्छता के महत्व और मिशन के उद्देश्यों को पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन के हरसंभव प्रयासों ने प्रभावी वातावरण निर्माण किया और इसका असर भी सभी स्थानों पर देखने को मिल रहा है। उदयपुर जिले में शौचालयों के निर्माण का ग्राफ निरन्तर बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2012 के सर्वे के मुताबिक जिले में 449273 घरों में शौचालय नहीं थे। वर्ष 2012 के बाद 131189 घरों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध हो गई है। जिले में कुल 544 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें 17ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है। कई ग्राम पंचायतें जल्द ही खुले में शौच मुक्त घोषित होने को तैयार हैं।
वर्ष 2016-17 में उदयपुर जिले में लगभग 233 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त कराने का लक्ष्य है जिसकी तैयारियां आरंभ हो गई हैं। हर सोमवार उदयपुर जिले में स्वच्छ दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उदयपुर जिले में 132263 शौचालयों का निर्माण अब तक हो चुका है। यह आवंटित लक्ष्य के विरूद्ध 87प्रतिशत उपलब्धि है।
इन गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने में महिला सरपंचों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला राज्यकर्मियों की भूमिका रही है वहीं बुजुर्गों ने भी पूरी भागीदारी अदा की।
इस अभियान के शुरूआती दौर में उदयपुर जिले में 24 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के लिए प्रयास आरंभ किए गए। अधिकारियों,कार्मिकों, जन प्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और स्वयंसेवी संस्थाओं की उत्साहजनक भागीदारी की बदौलत क्षेत्र में इस दिशा में गहरी सोच विकसित हुई और ग्रामीण प्रेरित होते चले गए।
ग्रामीणों से सीधे संवाद, भ्रमण और समझाईश के लिए निरन्तर समन्वित प्रयास किए गए। चयनित गांवों में उत्साहजनक परिणाम सामने आने के बाद अब पूरे जिले में यह अभियान व्यापक आधार पा चुका है।
जिले में इस बात पर ध्यान केन्दि्रत किया गया कि क्रमिक रूप से ग्राम पंचायतों का चयन कर वहाँ खुले में शौच की प्रवृत्ति को बंद किया जाए और शत-प्रतिशत घरों में शौचालयों के निर्माण व इनका पूरा-पूरा उपयोग सुनिश्चित हो जाने के बाद अन्य ग्राम पंचायतों में यह काम हाथ में लिया जाए।
सामूहिक व्यवस्था परिवर्तन का यह असर हुआ कि सम्पूर्ण ग्राम पंचायत क्षेत्र खुले में शौच मुक्त घोषित होने से आस-पास के क्षेत्रों और जिले भर में उत्प्रेरक माहौल बना। इसी का परिणाम है कि उदयपुर जिले में यह अभियान आशातीत सफलताओं की ओर अग्रसर है।
जिला कलक्टर रोहित गुप्ता बताते हैं कि उदयपुर जिले में यह अभियान सिर्फ शौचालय बनवा देने तक सीमित नहीं है बल्कि इनके सदुपयोग पर केन्दि्रत है। इसके साथ ही शौचालय निर्माण के आँकड़ों से इस अभियान के मूल्यांकन की बजाय इस बात पर ध्यान दिया गया है कि उन लोगों की संख्या कितनी है जो आज भी खुले में शौच जा रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि शत-प्रतिशत घरों में शौचालय बनने और उपयोग में आने लगे हैं।
उदयपुर जिले में जन प्रतिनिधियों, आम ग्रामीणों, स्वच्छता मिशन से जुड़े सभी लोगों की सक्रिय एवं उल्लेखनीय सहभागिता से उदयपुर जिला इस अभियान में आगे हैं।