” ये देवर जी “—- श्याम कुँवर भारती [राजभर]

” ये देवर जी “—-  श्याम कुँवर भारती [राजभर]

अपने भईया से बोली भेजवा दा रज़ाई ये देवर जी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |

आई गईले पुस जड़वा के दिनवा |
थरथर कंपावे बैरी पुसवा महीनवा |

टुटल केवड़िया कईसे लगाई ये देवर जी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |

ठंढी बयरिया बैरी देहिया कम्पावेला |
रतिया के बेरिया खूब हमके सतावेला |

छोट बलकवा बोला कहवा सुताई ये देवरजी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |

जबसे ऊ गईले उलटियो ना ताकेले |
तरसी जाला मनवा कबों फोनओ ना करेले |

सईया बेईमनवा भईले काहे हरजाई ये देवरजी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |

छोट भईले दिनवा लमहर भईली रतिया |
दुखवा मे बीते जिनगी फुटल किसमतीया |

चढ़ाई रेलगाड़िया सईया लगवा देता पहुंचाई ये देवरजी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |

संपर्क

कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

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