मिशन इन्द्रधनुष—-“पाँच साल सात बार-छूटे न टीका एक भी बार”

मिशन इन्द्रधनुष—-“पाँच साल सात बार-छूटे न टीका एक भी बार”

भोपाल : (सुनीता दुबे)———–सघन मिशन इन्द्रधनुष का द्वितीय चरण 8 नवम्बर से प्रदेश के 14 जिलों अलीराजपुर, छतरपुर, इंदौर (शहर), झाबुआ, पन्ना, रायसेन, रीवा, सागर, शहडोल, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और विदिशा में आरंभ हो रहा है। आगामी 18 नवम्बर तक चलने वाले कार्यक्रम में जीरो से 5 साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा।

प्रथम चरण में मध्यप्रदेश अग्रणी

देश के 16 राज्यों के चिन्हित जिलों में लागू होने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और संबंधित मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में 8 अक्टूबर 2017 को किया था। कार्यक्रम का उद्देश्य टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना था। प्रथम चरण में मध्यप्रदेश ने सर्वाधिक लक्ष्य हासिल कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया था।

बीमारी के दौरान टीकाकरण न होने से, माता-पिता द्वारा स्थान परिवर्तन करने या अज्ञानतावश टीकाकरण करवाने से कुछ बच्चे छूट जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम की सहायता से घर-घर जाकर 5 वर्ष तक के बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण का प्रयास किया जा रहा है।

बच्चे को 9 प्रकार की बीमारियों से बचाने के लिए प्रथम टीका जन्म के समय, दूसरा डेढ़ माह की उम्र में, तीसरा ढाई माह, चौथा साढ़े तीन माह, पाँचवा 9 माह, छठा डेढ़ साल और सातवाँ पाँच साल की उम्र में अनिवार्य रूप से लगना चाहिए।

एप से होगी मॉनीटरिंग

टीकाकरण कार्यक्रम की मॉनीटरिंग एंड्रायड आधारित मोबाइल एप से जिलेवार होगी। आदिवासी जिलों में टीकाकरण समझाइश के लिए जनजातीय कल्याण विभाग का सहयोग लिया जाएगा। जिलों में कोल्ड-चेन इस तरह बनाई गई है कि किसी भी केन्द्र तक टीके पहुँचाने में एक घंटे से कम का समय लगेगा। दूरस्थ क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा गया है। केन्द्रों पर टीकाकरण प्रात: 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।

टीकाकरण के द्वितीय चरण की तैयारियों की आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक श्री विश्वनाथन ने समीक्षा की। बैठक में राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, आयुष, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, स्कूल शिक्षा, अन्य विभागों के अधिकारी और विश्व स्वास्थ्य संगठन, रोटरी तथा स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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