- February 4, 2016
भारत और जर्मनी के बीच भारत-जर्मनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र

दोनों देशों के शिक्षा क्षेत्र एवं उद्योग से जुड़ी संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं का लक्ष्य नए वैज्ञानिक ज्ञान आधार का सृजन करना तथा प्रौद्योगिकी विकास एवं उन्हें प्रयुक्त करने के लिए अनुसंधान परिणामों का उपयोग करना होगा। यह नया घोषणा पत्र आईजीएसटीसी को दोनों देशों की प्रयोगशालाओं, शिक्षा क्षेत्र एवं उद्योग के बीच सहयोग के जरिए औद्योगिक महत्व के अनुसंधान एवं प्रौद्योगिक सहयोग को और अधिक बढ़ाने, उन्हें मजबूत करने तथा बेहतर बनाने में सक्षम होगा।
आईजीएसटीसी भारत एवं जर्मनी की अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं उद्योग (2+2 योजना) से जुड़ी चुनी हुई आरएंडडी परियोजनाओं का समर्थन एवं वित्त पोषण करेगा तथा सहयोगात्मक औद्योगिक आरएंडडी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों को जुटाने में मदद करेगा।
आईजीएसटीसी की स्थापना अक्टूबर 2007 में दोनों देशों की सरकारों के बीच एक समझौते के तहत की गई थी और इसने 2011 से संचालन प्रारंभ कर दिया था। वर्तमान में आईजीएसटीसी a) उन्नत विनिर्माण b) जैव चिकित्सकीय उपकरण एवं स्वास्थ्य देखभाल c) नैनोटेक्नोलॉजी, d) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग e) वाटर सेंसर्स f)क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी एवं g) सूचना तथा कम्प्यूटिंग टेक्नोलॉजी।