एमएमआई अस्पताल : दीपांशु के दिल में सुराख:खुशियां लौटी

एमएमआई अस्पताल : दीपांशु के दिल में सुराख:खुशियां लौटी

कोरबा —————————  दीपांशु के जन्म के कुछ माह बाद उसे हुए पीलिया ने माता-पिता के साथ दादा-दादी, नाना-नानी सहित घर के अन्य सभी सदस्यों की मुश्किलें बढ़ा दी थी। परिजनों की चिंताएं उस वक्त और भी बढ़ गई जब पीलिया का इलाज कराने चिकित्सकों के चक्कर काट रहे माता-पिता को मालूम हुआ कि नन्हें-मुन्ने दीपांशु के दिल में सुराख है। इस खबर ने सभी की आंखों में आंसू ला दिया। सभी को एक तरफ दीपांशु के इलाज की चिंता सताने लगी तो दूसरी तरफ इलाज में आने वाले खर्च के लिए रकम जुटाने की चिंता ने परिवार के हर सदस्य को परेशानी में डाल दिया। 1 bal hridyacc

परेशानियों में जूझता परिवार जब ईलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचा तो यहां मिली जानकारी ने उनकी मुश्किले कम कर दी। कुछ माह बाद निःशुल्क इलाज भी हो गया और अब स्थिति यह है कि साढ़े तीन साल का दीपांशु उछलकुद और धमाचौकड़ी करने के साथ-साथ नर्सरी स्कूल में जाकर पढाई भी करता है और कविता भी सुनाता है। दीपांशु की उछलकूद देखकर परिवार के सभी सदस्य अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव करते हैं।

कटघोरा विकासखंड अन्तर्गत ग्राम बिंझरी निवासी चंद्रभुवन कंवर के घर मई 2012 को जब दीपांशु का जन्म हुआ तब परिवार में खुशी थी। कुछ माह बाद जब अचानक दीपांशु को पीलिया हुआ तब उसे ठीक कराने उसके माता-पिता, दादा-दादी सभी ने चिकित्सकों के चक्कर काटे। दीपांशु के दादा सज्जन सिंह ने बताया कि पीलिया के इलाज के दरम्यान ही ईको जांच से दिल में सुराख होने की जानकारी मिली। इस बीच पहले से परेशान परिजनों की परेशानी और भी बढ़ गई।

दिल के छेद का इलाज कराने जब जिला अस्पताल पहुंचे तब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से मालूम हुआ कि दिल के छेद का निःशुल्क आपरेशन के लिए शासन द्वारा मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना संचालित है।  इस योजना से दीपांशु का निःशुल्क इलाज हो जाएगा।

दीपांशु की माता प्रियंका कंवर ने बताया कि मुख्य मंत्री बाल हृदय योजना अंतर्गत दीपांशु को रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर रिफर किया गया, जहां दीपांशु के कम वजन और कम उम्र को देखते हुए मुंबई के लिए रिफर कर वहीं आपरेशन कराने की सलाह दी गई थी। इस बीच परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग से निवेदन करने पर रायपुर में ही एमएमआई में आपरेशन किया गया।

दो से तीन माह तक कोरबा से रायपुर परिजनों का आना-जाना लगा रहा। दीपांशु का आपरेशन सफल रहा और वह अब बिल्कुल ठीक हो गया है। दीपांशु की माता ने बताया कि इलाज में किसी प्रकार का खर्च उन्हें वहन नहीं करना पड़ा। दीपांशु की माता एवं उनके दादा ने बताया कि दीपांशु अब पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना की प्रशंसा करते हुए निःशुल्क आपरेशन कराने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की प्रशंसा की।

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