Category Archives: संपादकीय

संसद नीचे और राजनीति ऊपर, इस प्रपंच का परिणाम क्या होगा ? – डॉ.वेदप्रताप वैदिक

संसद नीचे और राजनीति ऊपर,   इस प्रपंच का परिणाम क्या होगा ? अभी 126 विधेयक अधर में लटके हुए हैं – डॉ.वेदप्रताप वैदिक नई दिल्ली,फरवरी 09:   यह 15 वीं लोकसभा…

इटली: दर्द और दवा, दोनों तुम्हारे – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

नई दिल्ली , अभी तक इटली की अदालतों   को सिर्फ ये प्रमाण   मिले हैं    कि भारतीय नेताओं, अफसरों और उनके रिश्तेदारों को 360 करोड़ रु0 की रिश्वत…

‘मौत का सौदागर’ – ‘जहर की खेती’ – सोनिया गांधी :: गुजरातियों ने चुनाव में कांग्रेस को अघमरा कर दिया – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

नई दिल्ली , फरवरी 05 :  सोनिया गांधी ने कुछ सबक  नहीं सीखा। 2007 में नरेंद्र मोदी के लिए ‘मौत का सौदागर’   शब्द का प्रयोग उन्होंने कर दिया था। गुजरातियों…

भ्रष्टाचार की सजा – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

  नई दिल्ली , फरवरी 03:   मध्यप्रदेश  के लोकायुक्त को  बधाई कि उन्होनें भ्रष्टाचार के   अनेक अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। इन अपराधियों में राजस्व विभाग…

मुसलमान ईंधन की तरह – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

अपनी कुर्सी बचाने के लिए अगर देश को डुबाना पड़े तो भी हमारे नेताओं को कोई झिझक नहीं होती। पहले जातियों के आधार पर आरक्षण दिया गया और अब मजहब…

चला मुरारी हीरो बनने : दो दूल्हे और 12 घोड़ियाँ – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

रक्षा मंत्री   ए.के. एंटनी कांग्रेस की डूबती नाव को बचाने में लगे हुए हैं।  उन्होंने आगस्ता-वेस्टलेंड कंपनी के साथ हुए हेलिकॉप्टरों के सौदे को रद्द कर दिया। यह सौदा लगभग…

हिंदी का सरकारी ढोंग – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

हमारा संविधान कहता है,  हिंदी भारत की राजभाषा है।  राज-काज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा  देने के लिए   गृह-मंत्रालय में एक   विशेष विभाग खोला गया है    लेकिन इस राजभाषा…

भारत और पाकिस्तान : गर्माहट आती-सी लग रही है – डॉ. वैदिक

भारत  और पाकिस्तान के  सैन्य  महानिदेशकों की बैठक से कुछ  आशा बंधने लगी है।   दोनों पड़ौसी देशों के संबंधों में इधर  जो ठंडापन पैदा हो गया था,  उसमें गर्माहट…

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई बार-बार भारत क्यों आ रहे हैं? -डॉ. वेदप्रताप वैदिक

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई बार-बार भारत क्यों आ रहे हैं?  इतनी जल्दी-जल्दी तो कभी नेपाल और भूटान के प्रधानमंत्री भी भारत नहीं आए। इसका कारण स्पष्ट है। अब अमेरिकी…

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