Category Archives: संपादकीय

राजनीतिक भाषा समझे:-शैलेश कुमार

गाय को राम भरोसे छोड़ दीजिए क्योंकि आज तक जिस समस्या को नेता छुआ है वह हल नहीं हुआ है :- गाय के लिए सिर्फ मुस्लिम को ही दोषी मानना…

सोशल मीडिया और वेब मीडिया में अंतर–शैलेश कुमार

सोशल मीडिया — फेसबुक ट्विटर ,व्हाट्सएप्स ,लिंक्डइन आदि पर ईमेल एकाउंट खोल कर कुछ भी पोस्ट कर सकने के लिए स्वतंत्र है। इसका नियंत्रण शक्ति अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया , न्यूजीलैंड में…

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कांग्रेस के प्रतिलिपि क्षेत्रीय क्षत्रपों को कोई और विकल्प ढूंढना चाहिए-शैलेश कुमार

मूर्ख क्षेत्रीय क्षत्रपों को अभी भी दिमाग बंद है। राजनीतिक पार्टियों के धर्मनिरपेक्ष या फिर अल्पसंख्यको की परिभाषा से भारतीय वाकिफ हो चुके है इसलिए भारतीयों ने महागठबंधन तैयार कर…

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2019 : अभी सँभालने का समय !!–शैलेश कुमार

1. कितने विदेशी निवेशक है और देश में कहाँ – कहाँ निवेश किये है ? 2. कितने बेरोजगारों की नई नौकरियाँ मिली है ? 3. बेरोजगार पलायन की स्थिति क्या…

क्यों मोदी बीजेपी को बदनाम करते हैं : – शैलेश कुमार

नोटबन्दी में कितने उद्योगपति प्रोपर्टीडीलर ,वकील, इंजीनियर ,डॉक्टर और चार्टड एकाउंटेंट जेल में गए। कोई नहीं न ! सरकार को पता नही है कि रेड कालर विद्यालय में सिर्फ एक…

सवैतनिक मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह

(बिजनेस स्टैंडर्ड) —————————–महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवैतनिक मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किए जाने की सराहना की है। परंतु आगे चलकर उनको लग सकता है कि…

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काश !!—-जीत की ई -पत्र—शैलेश कुमार

तीन फ़रवरी को मैं पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर 3 पर बैठा था। कुछ देर में एक बुर्काधारी परिवार करीब के बेच पर आ कर बैठ गये…

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बात मुद्दों की :-जाति विशेष बहुतायत क्यों ?–शैलेश कुमार

गृहमंत्रालय संज्ञान लेकर रक्षामंत्रालय को नियंत्रित करें , हरियाणा , पंजाब, राजस्थान में जाट, सिख,राजपूत ,उत्तरप्रदेश और बिहार में ब्राह्मण और राजपूत की मौत ही क्यों ? सैनिकों में यादव,…

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तीन तलाक: फैसला संविधान पीठ करेगी :- बरुण कुमार सिंह

हमारे समाज में एक सोच बहुत ज्यादा प्रभावशाली है और वो है बिना सोचे-समझे किसी प्रथा को जन्म दे देना। संपूर्ण ज्ञान ना होते हुए भी लोग परम्पराओं को मान…

*****माॅ का देहावसान :: तथ्य से बेखर****-शैलेश कुमार

माॅ के देहावसान से ठीक एक सप्ताह पहले हमारे सर के सामने एक सफेद साडी में एक बुढिया आती है और लुढक जाती हैं तथा लुप्त हो जाती है। मैं…

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