70 किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड

नारायणपुर——– जिले के मृदा स्वस्थ्य रहेगी, तभी हम भी स्वस्थ रहेंगे। मिट्टी को बंजर बनने से रोकने के लिए हम सभी को सक्रिय सहभागिता निभाने आगे आना होगा। अच्छी फसल तभी प्राप्त की जा सकती है, जब मिट्टी अच्छी होगी। भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहां की अधिकांश आबादी कृषि अथवा कृषि पर आधारित व्यवसाय करती है।
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देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की भूमि का हेल्थ कार्ड देने की योजना प्रारंभ की है। जिससे मिट्टी के स्वास्थ्य के आधार पर फसल लेकर अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

यह बात प्रदेश के स्कूली शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री केदार कश्यप ने कृषि विज्ञान केन्द्र केरलापाल के प्रांगण में 5 दिसम्बर 2017 को आयोजित विश्व मृदा दिवस सह वृहद किसान मेला में किसानों से कही।

प्रदेश के स्कूली शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री केदार कश्यप ने जिले के किसानों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन की आयमूलक गतिविधियां संचालित करने का आग्रह करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं-कार्यक्रमों से लाभान्वित होकर अपनी आर्थिक स्थिति को और अधिक बेहतर बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला उईके, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री अशोक चोबे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजमन कोर्राम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री सावित्री नुरेटी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरस्वती गोटा, सुनीता कुमेटी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधी, पंचायत पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

इस मौके पर उपसंचालक कृषि श्री एनके नागेश ने स्वागत उद्बोधन के दौरान जिले में कृषि विकास और किसानों की मदद के लिए किये जा रहे सकारात्मक प्रयासों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया।

कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक श्री नरेन्द्र कुमार नाग ने मृदा परीक्षण की जरूरत, महत्ता सहित फसल चक्र के अनुसार संतुलित उर्वरक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को अपने खेतों से मिट्टी परीक्षण कराये जाने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र में नमूने लेकर आने का आग्रह किसानों से किया।

वहीं जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजमन कोर्राम ने कहा कि कृषि को टिकाऊ एवं लाभप्रद बनाने के लिए मृदा स्वास्थ्य का परीक्षण एवं सुधार आवश्यक है। मृदा परीक्षण के पश्चात मृदा हेल्थ कार्ड के आधार पर संतुलित खाद का उपयोग जरूरी है। जिससे मिट्टी की उर्वरता हमेशा बनी रहे और फसल की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता सुधार हो सके।

इस दौरान भूतपूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री रूपसाय सलाम ने किसानों को मृदा परीक्षण कर फसल के अनुरूप संतुलित रूप से रासायनिक, जैविक एवं गोबर खाद का उपयोग किये जाने का आग्रह किया। वहीं किसानों को मृदा परीक्षण के साथ ही जैविक, गोबर और हरी खाद का उपयोग कर कृषि उत्पाद बढ़ाने की दिशा में सहभागी बनने का आग्रह किया।

इस अवसर पर जिले के 70 किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड प्रदान किया गया। वहीं 10 प्रगतिशील किसानों को शॉल एवं श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्री एमडी बैस ने किया।