660 मेगावॉट क्षमता की 4 ताप विद्युत इकाई का निर्माण —— ऊर्जा मंत्री श्री सिंह

प्रदेश में दीर्घकालिक बिजली माँग की पूर्ति के लिये 660-660 मेगावॉट क्षमता की 4 इकाइयों का निर्माण वर्ष 2027-28 तक करने का निर्णय लिया गया है।

ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने बताया है कि इनमें से 660 मेगावॉट क्षमता की दो ताप विद्युत इकाइयों का निर्माण मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी द्वारा अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई और सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारणी में किया जायेगा।

इस रबी सीजन में बैंकिंग के माध्यम से 2300 मेगावॉट से अधिक बिजली राज्य को मिल रही है। कम्पनी द्वारा भुगतान संतुलन बनाये रखकर वर्ष में 350 करोड़ रुपये से अधिक की रिबेट अर्जित की गई है।

ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश की डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनियों के कॉल-सेंटर के टोल-फ्री नम्बर-1912 को सुदृढ़ किया गया है। इसमें विद्युत व्यवधान के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की खराबी और बिलिंग संबंधी शिकायतों को शामिल किया गया है। जले या खराब ट्रांसफार्मर को बदलने की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।

उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिये वितरण केन्द्रों और बिजली के संभागीय कार्यालयों में शिविर लगाये जा रहे हैं। बिल संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिये वितरण केन्द्र स्तर पर समितियों का गठन किया जा रहा है।

प्रमुख सचिव, ऊर्जा एवं मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट के प्रबंध संचालक श्री संजय कुमार शुक्ला ने जानकारी दी है कि श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के द्वितीय चरण में 660 मेगावॉट क्षमता की इकाई क्रमांक-4 से इसी माह में कॉमर्शियल बिजली का उत्पादन प्रारंभ हो जायेगा। इकाई क्रमांक-3 से 660 मेगावॉट विद्युत उत्पादन नवम्बर-2018 में प्रारंभ हो चुका है।