494 राजस्व न्यायालय ई-कोर्ट के रूप में पंजीकृत

रायपुर—–(छत्तीसगढ)——– राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए भी छत्तीसगढ़ में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार ने राजस्व न्यायालयों को ई-कोर्ट में बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

अब तक 704 राजस्व न्यायालयों में से 494 का पंजीयन ई-कोर्ट के रूप में हो चुका है। इनमें एक लाख 88 हजार राजस्व मामले दर्ज किए गए हैं। दर्ज प्रकरणों में से 54 हजार प्रकरणों का निराकरण ई-कोर्ट प्रक्रिया के तहत कर लिया गया है। शेष प्रकरणों के निराकरण के प्रक्रिया जारी है।

राजस्व न्यायालयों का ई-कोर्ट में पंजीयन के माध्यम से राजस्व विभाग द्वारा राजस्व प्रकरणों के पंजीयन से लेकर अंतिम निराकरण तक की सारी कार्रवाई जैसे-आदेश पत्र लिखना, साक्ष्य अंकित करना, अंतिम आदेश पारित करना आदि ऑनलाईन की जा रही है। इसे किसी भी स्थान से किसी भी समय कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन देख सकेगा।

अब राजस्व न्यायालयों में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों को ऑनलाईन ई-कोर्ट में दर्ज किया जा रहा है।

ई-कोर्ट प्रक्रिया के प्रारंभ होने से राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की सुनवाई, त्वरित निराकरण एवं पारदर्शिता में वृद्धि होगी साथ ही पक्षकारों को उनके प्रकरण में की जा रही कार्रवाई की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी।