43 जिलों के 271 विकासखण्डों में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन

भोपाल :(के.के. जोशी)————मध्यप्रदेश के ग्रामीण अंचलों में गरीब परिवारों की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 43 जिलों के 271 विकासखण्डों में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को सघन रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में यह मिशन वर्ष 2012 से प्रारंभ किया गया।
1
वर्ष 2016-17 में 33 जिलों के 195 विकासखण्डों में मिशन का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। शेष 118 विकासखण्डों में गैर-सघन रूप से जिला पंचायतों के माध्यम से मिशन का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस वर्ष 2017-18 में 10 नए जिलों के 76 विकासखण्डों में मिशन का सघन क्रियान्वयन आरंभ किया गया है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आरंभ से लेकर सितम्बर-2017 तक कुल एक लाख 83 हजार 407 स्व-सहायता समूहों को 688.54 करोड़ रुपये की राशि परिक्रामी निधि (रिवाल्विंग फण्ड) और सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) स्वरूप प्रदाय की गई है। राज्य में एक लाख 42 हजार 294 समूहों का बैंक लिंकेज कर एक हजार 754 करोड़ रुपये का ऋण भी दिलाया गया है।

मिशन के अंतर्गत 22.12 लाख परिवारों को संगठित कर एक लाख 93 हजार 107 स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 16 हजार 75 ग्राम संगठन बनाए गये हैं, जिनमें एक लाख 14 हजार 528 स्व-सहायता समूहों की सदस्यता है। संकुल आधारित 335 संगठन (सीएलएफ) बनाए गये हैं।

कम्यूनिटी मोबिलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए 22 हजार 689 समुदाय स्रोत व्यक्तियों का चिन्हांकन और प्रशिक्षण किया गया है। प्रदेश में एवं प्रदेश के बाहर सेवाएँ देने के लिए 5016 कृषि सीआरपी प्रशिक्षित की गई हैं। ग्रामीण अंचलों के 14 लाख 39 हजार 480 परिवारों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश में जनपद स्तरीय रोजगार मेले और सभी जिलों में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण आयोजित किये गए। मेलों और प्रशिक्षण के माध्यम से 6 लाख 19 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराये गये। आज की स्थिति में आजीविका गतिविधियों से जुड़े सदस्यों में से एक लाख 42 हजार से अधिक समूह सदस्य एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित करने लगे हैं।

इस मिशन अंतर्गत 3 सर्वश्रेष्ठ समूह एवं एक ग्राम संगठन को उत्कृष्ट कार्य के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है। भारत सरकार द्वारा एक लाख रुपये की राशि प्रति समूह एवं 2 लाख रुपये की राशि ग्राम संगठन को दी गई है। वर्ष 2016 एवं 2017 में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के कॉमन रिव्यू मिशन ने प्रदेश में आजीविका मिशन के कार्यों की निरंतर सराहना की है।

राष्ट्रीय आरसेटी दिवस के अवसर पर भारत सरकार द्वारा स्व-रोजगार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को 7 जून, 2017 को पुरस्कृत किया गया है। दिनांक 19 जून, 2017 को आजीविका गतिविधियों के संचालन के लिए अन्य प्रदेशों की तुलना में बेहतर कार्य के लिए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया।