2018-19 की वार्षिक योजना–विधायकों की प्राथमिकताओं को अंतिम रूप

शिमला ———– मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने 2018-19 की वार्षिक योजना के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता करते हुए लागत और अधिक समय से बचने के लिए विकास योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर बल दिया।
1
उन्होंने कहा कि कार्यान्वयन चरण में योजनाओं की नियमित रूप से निगरानी करना आवश्यक है। उन्होंने ऐसे ठेकेदारों को काम न देने पर बल दिया, जो काम की गुणवत्ता के साथ समझौता करते हैं और परियोजनाओं में अनावश्यक देरी करते हैं। उन्होंने वित्त वर्ष के अन्त में धनराशि को वापिस करने के बजाए बजट का समय पर उपयोग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की आवश्यकता है और पर्याप्त बजट प्रावधान के साथ पहले से ही स्वीकृत परियोजनाओं पर किस प्रकार कार्य किया जाए, इस बारे जानने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने भाजपा के ‘दृष्टि पत्र’ को सरकारी दस्तावेज के रूप में अपनाया है और समयबद्ध समग्र विकास को हासिल करने के लिए हमें लक्ष्यों तथा नीतिगत ढांचे पर कार्य करने की आवश्यकता है।

पूर्वाहन सत्र में कांगड़ा तथा किन्नौर जिलों के विधायकों ने भाग लिया।

नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री राकेश पठानिया ने पड़ोसी राज्य पंजाब से बजरी की आपूर्ति को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि क्योंकि सरकार ने अन्तरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्र नूरपुर में अवैध खनन के विरूद्ध कार्रवाही की है और पड़ोसी राज्य पंजाब से बजरी का अवैध भण्डार 2500 रुपये से 3000 रुपये प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली बेचा जा रहा है और इस प्रकार विकास कार्य करने में दिक्कत आ रही है।

उन्होंने कहा कि उन लोगों के विरूद्ध कार्रवाही की जानी चाहिए, जिन्होंने नदी के खनिजों का भण्डारण किया है और बिना किसी नियंत्रण से इसकी आपूर्ति कर रहे हैं।

उन्होंने नागरिक अस्पताल नूरपुर के आपातकालीन वार्ड को गम्भीर मरीजों की सुविधा के धरातल मंजिल में स्तानांतरित करने का आग्रह किया, क्योंकि यह वार्ड अस्पताल की तीसरी मंजिल में कार्य कर रहा है। उन्होंने नागरिक अस्पताल नूरपुर को क्षेत्रीय अस्पताल में स्तरोन्नत करने का भी आग्रह किया।

उन्होंने क्षेत्र के 22 गांवों को लाभान्वित करने वाली सबसे बड़ी मध्यम सिंचाई योजना फिना सिंह के लिए वित्तीय सहायता की मांग की।

उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को पानी के रिसाव को रोकने अथवा पुरानी पानी की पाईपों को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने निजी बोर कुओं की स्थापना के लिए अनावश्यक व कठिन औपचारिकताओं को बदलने की आवश्यकताओं पर बल दिया।

उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य नैटवर्किंग पैर्टन में बदलाव की आवश्यकताओं पर जोर दिया, जो 2001 के पैर्टन पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि 100 की आबादी के गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-3 के दायरे में लाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में मामला भारत सरकार के साथ उठाने का आश्वासन दिया।

श्री राकेश पठानिया ने खुले बाजार में डिपो का राशन बेचने वाले कुछ नागरिक आपूर्ति डिपो धारकों के खिलाफ कार्रवाही की मांग की तथा सुझाव दिया कि राजनैतिक सम्बन्ध रखने वाले व्यक्तियों को नागरिक आपूर्ति डिपो न दिए जाएं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधानों को भी नागरिक आपूर्ति डिपो नहीं दिए जाने चाहिए।

इंदौरा की विधायक श्रीमती रीता देवी ने सड़कों की दयनीय हालत तथा छौंच खड्ड के तटीकरण जो बरसात के दौरान कुछ पंचायतों के कहर पैदा करती है, के बारे में शिकायत की।

उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की गम्भीर कमी का सामना कर रही सात पंचायतों में पेयजल सुविधा प्रदान करने की वकालत की। उन्होंने शिक्षण तथा स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने पानी की कमी का सामना कर रही पंचायतों का सर्वेक्षण करने तथा गर्मीयों का मौसम शुरू होने से पहले इन पंचायतों के लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए।

ज्वाली निर्वाचन सभा क्षेत्र के विधायक श्री अर्जुन सिंह ने सिद्धाता मध्यम सिंचाई योजना के निर्माण के दौरान की गई अनियमितताओं के बारे में शिकायत की। हालांकि यह योजना जल चैनलों के उचित वितरण के बिना पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में जॉंच करने के आदेश दिए और कहा कि विभाग को न केवल वितरण चैनलों पर बल्कि मुख्य नहर में भी रिसाव को रोकना सुनिश्चित करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निजी तौर पर स्थल पर जाने तथा यथा शीघ्र सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा।

विधायक ने लगभग 22 वर्ष पहले बीयर प्लांट इंडस्ट्री स्थापित करने के उद्देश्य से ली गई भूमि की जॉंच करने की मांग की, क्योंकि आज तक ऐसा कोई सयंत्र इस भूमि पर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने नागरिक अस्पताल ज्वाली में अल्ट्रासांउड मशीन उपलब्ध करवाने तथा स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया।

उन्होंने लम्बे समय से चले आ रहे पौंग बाध्ां विस्थापितों के लम्बित मुद्दे को सुलझाने का भी अनुरोध किया।

देहरा के विधायक होशियार सिंह ने उनके विधानसभा क्षेत्र में ‘स्नेक पार्क’ की स्थापना करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि उनका निर्वाचन सभा क्षेत्र नदियां और नालों से घिरा होने के कारण यहां बहुत अधिक सांप है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ‘एंटी-वेनम प्लांट’ स्थापित किया जा सकता है, जो ‘एंटी-वेनम’ बेचकर राज्य में राजस्व अर्जित करने के लिए मदद करेगा।

उन्होंने उनके विधानसभा क्षेत्र में नदियों के किनारे सफारी क्षेत्र की स्थापना का सुझाव दिया, जो सैलानियों के लिए अतिरिक्त आकर्षण होगा।

उन्होंने देहरा में नालों के तटीकरण तथा सड़कां व जलापूर्ति योजनाओं में सुधार करने के लिए भी आग्रह किया।

ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रमेश चन्द धवाला ने श्री ज्वालामुखी माता मन्दिर न्यास की भूमि को स्वास्थ्य तथा अन्य विभागों के लिए हस्तांतरण का मुद्दा उठाया।

उन्होंने दावा किया कि लगभग 17 कनाल मन्दिर न्यास भूमि जिसका हस्तांतरण नहीं किया जा सकता, को पिछली सरकार ने अस्पताल के नाम पर हस्तांतरित कर दिया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत एक बड़ी इमारत खाली पड़ी है, जबकि अस्पताल मातृ-छाया में सरांय में चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने उपायुक्त कांगड़ा से इस मामले पर तत्काल रिपोर्ट मांगी तथा जल्द से जल्द मुख्यमंत्री कार्यालय में रिपोर्ट करने को कहा।

धवाला ने कहा कि पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए गुजरात की तर्ज पर और अधिक चैक डैम तथा जल संरक्षण ढांचों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन चैक डैम से पानी को सौर ऊर्जा तंत्र के माध्यम से उठाया जा सकता है तथा सिंचाई उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा लोक निर्माण विभाग में तकनीकी पद भरने का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने खैर के पेड़ों के कटान के मामले को भी उठाया।

जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र कुमार ने जयसिंहपुर में चिकित्सा खण्ड कार्यालय खोलने का आग्रह किया। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में 108 एम्बुलेंस सेवा के लिए भी आग्रह किया, जिसे अदालत के आदेशों से गारली में स्थानांतरित कर दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस सम्बन्ध में जल्द ही एक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगा और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। विधायक ने आग्रह किया कि नागरिक अस्पताल जयसिंहपुर में 15 दिनों में एक या दो बार एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और एक डॉक्टर को सिविल अस्पताल जयसिंहपुर में तैनात किया जाए ताकि क्षेत्र के मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिल सके।

विधायक ने सन्धोल-पालमपुर वाया टिम्बर सड़क को राज्य सड़क या मुख्य जिला सड़क (एमडीआर) में परिवर्तित करने की मांग की।

श्री रविन्द्र कुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में वन संरक्षण नियमों (एफसीए) के उल्लंघन से नदी के किनारों पर अवैध खनन के प्रति चिन्ता जताई। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के अन्तर्गत लगभग 46 लाख रुपये से निर्मित होने वाली सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य योजना पर कार्य करने सम्बन्धी मामला भी उठाया।
नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अरूण कुमार (कूका) ने नगरोटा बगवां शहर की मल निकासी योजना को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि टांडा अस्पताल में सिटी स्कैन तथा एमआरआई मशीने काफी पुरानी हो चुकी है और इन्हें बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने टांडा अस्पताल के लिए वैटिलेटिड सुविधाओं वाली ट्रॉमा वेन अथवा एम्बुलेंस की भी मांग की।

उन्होंने नगरोटा बगवां अस्पताल में कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नगरोटा में इंजीनियर कॉलेज में भी विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है। उन्होंने सुझाव दिया कि पीरियड के आधार पर या किसी अन्य प्रकार से शिक्षकों को बुलाया जा सकता है ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो।

उन्होंने राजकीय डिग्री कॉलेज बड़ोह के लिए अतिरिक्त राशि का आग्रह भी किया। श्री अरूण ने कहा कि उन्हें 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार शहरी स्थानीय निकायों के लिए राशि प्राप्त नहीं हो रही है तथा उन्होंने इस मामले को भारत सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के चंगर में सड़क निर्माण के लिए वन स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान करने का आग्रह किया।

कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पवन काजल ने नागरिक अस्पताल कांगड़ा में रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया तथा जिले के नागरिक अस्पतालों को एक्स-रे तथा अल्ट्रासाउंड मशीनें प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने सभी अस्पतालों को नए उपकरण प्रदान करने के लिए पर्याप्त राशि की भी मांग की। उन्होंने मटौर तथा टकीपुर में कॉलेज भवन के निर्माण का भी आग्रह किया। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोल के भवन के निर्माण का भी आग्रह किया।

पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री आशीष बुटेल ने पालमपुर में खण्ड विकास कार्यालय स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में कुछ क्रॉसिंगज पर रेल ओवर-ब्रिज के निर्माण से सम्बन्धित मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि होलटा में सेना छावनी क्षेत्र से चांदपुर गांव के लिए मार्ग का मामला सेना अधिकारियों तथा वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद पालमपुर के साथ उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सेना द्वारा गांव को जाने वाले एक मात्र रास्ते को बन्द करने की स्थिति में परिषद को चांदपुर के लोगों की सुविधा के लिए मार्ग उपलब्ध करवाने के लिए भूमि प्रदान करने हेतु सम्पर्क करना पड़ेगा। उन्होंने पालमपुर में कई वर्षों से पार्किंग के लम्बित पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि या तो कार्य को तीव्रता से किया जाना चाहिए या फिर दोबारा निविदा आमंत्रित कर यह कार्य अन्य ठेकेदारों को सौंपा जाना चाहिए।

श्री बुटेल ने क्षेत्र के युवाओं को स्वरोज़गार के और अधिक अवसर प्रदान करने के लिए टैक्सी विशेषकर मैक्सी कैब के परमिट जारी करने पर प्रतिबन्ध को हटाने का भी आग्रह किया।

किन्नौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री जगत सिंह नेगी ने विकासात्मक मामलों को उठाने के लिए जनजातीय सलाहकार समिति का गठन करने का आग्रह किया। श्री नेगी ने लोगों को ‘नौतोड़’ भूमि प्रदान करने के लिए वन संरक्षण नियमों को निरस्त करने की अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में नौतोड़ के 15000 मामले लम्बित पड़े है तथा और अधिक मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में वर्ष 2016 से 2018 तक वन संरक्षण नियमों में छूट दी गई है और नौतोड़ प्रदान करने के लिए कुछ ही समय शेष है।

उन्होंने आग्रह किया कि वन संरक्षण नियमों को निरस्त करने की अवधि को 2019 तक बढ़ाया जाए ताकि लोगों नौतोड़ प्रदान कर राहत दी जा सके।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत बजट जारी करने का मामला केन्द्र सरकार के समक्ष उठाया जाना चाहिए तथा तकनीकी आधार पर इस कार्यक्रम से बाहर किए गए कुछ गांवों को पुनः इसमें शामिल करना चाहिए, क्योंकि इन गांवों में इस कार्यक्रम के तहत अनेक विकासात्मक परियोजनाओं का कार्यान्वयन चल रहा है।
उन्होंने क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को सीमेंट, पाईपें तथा बारूद इत्यादि सामग्री की आपूर्ति के लिए भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री सिंचाई योजना’ के अन्तर्गत सभी विभागों ने पूर्ण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केन्द्र को सौंप दी है, लेकिन अभी तक कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बाढ़ के दौरान कुछ गांवों के लिए खतरा साबित होने वाली बास्पा नदी के तटीकरण के लिए भी आग्रह किया।

उन्होंने सुझाव दिया कि भारत सरकार की ‘उड़ान’ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के तहत किन्नौर, काजा, लाहौल-स्पिति, पांगी तथा भरमौर के जनजातीय क्षेत्रों को शामिल किया जाना चाहिए।

श्री नेगी ने सुझाव दिया कि कार्य कर रहे ठेकेदारों को एक समय में केवल दो निविदाएं ही आवंटित की जानी चाहिए तथा उनके द्वारा पूरे किए गए कार्यां पर सन्तोष होने के उपरान्त ही तीसरा कार्य सौंपे जाने के बारे में विचार किया जाना चाहिए।
चम्बा जिला

भरमौर विस क्षेत्र के विधायक जिया लाल ने आग्रह किया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र की सिंचाई योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए और पांगी घाटी में सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जाए।

उन्होंने सुझाव दिया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में सुरंग का निर्माण किया जाए, जिससे पठानकोट और लेह की बीच की दूरी कम होगी। इसके निर्माण से न केवल आम आदमी को लाभ मिलेगा, बल्कि भारतीय सेना को भी अपने जवान और साजो समान जल्दी पहुंचाने में सुविधा होगीं

चम्बा विस के विधायक पवन नैयर ने आग्रह किया कि द्रमण-सहियुंता वाया जोत रोड़ शीघ्र पूरा किया जाए। खजियार झील का सौंदर्याकरण और यहां पहुंचने वाले मार्ग को चौड़ा किया जाए। उन्होंने मांग की कि उनके विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल योजनाओं के कार्यार्ं को तीव्रता प्रदान की जाए।

भटियात के विधायक बिक्रम सिंह जरयाल ने मांग की कि नागरिक अस्पताल चुवाड़ी को सुदृढ़ किया जाए। नागरिक अस्पताल डलहौजी में टांसफार्मर लगाया जाए और पीएचसी कखीरा के भवन निर्माण का कार्य आरम्भ किया जाएं उन्होंने यह मांग भी रखी उनके विधानसभा क्षेत्र में खोले गए शिक्षण संस्थानों के भवन तथा आईटीआई घनोटा के भवन का कार्य आरम्भ किया जाए। सड़कों को पक्का करने के साथ-साथ बिजली के टांसफार्मर भी स्थापित किए जाएं।

ऊना जिला

चिंतपूर्णी के विधायक श्री बलबीर सिंह ने आग्रह किया कि अम्ब को नगर निगम का दर्जा दिया जाए। मैगा फूड पार्क स्थापित किया जाए, जिससे किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा फिशरी फूड पार्क की स्थापना की जाए, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने अम्ब में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के डिवीजन, नागरिक अस्पताल अम्ब को स्तरोन्नत करने और आवश्यक स्टाफ मुहैया करवाने, पुराने टयूब वैल के नवीनीकरण तथा धार्मिक स्थानों के विकास की मांग की।

गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर ने अम्ब और चिंतपूर्णी के बीच दूरी कम करने के लिए पुल के निर्माण की मांग की। दौलतपुर में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के डिवीजन खोलने तथा गगरेट अस्पताल में खाली पड़े डाक्टरों के पदों को भरने की मांग की।

हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री निधि को दो करोड़ करने तथा ऐच्छिक निधि को 25 लाख रुपये करने की मांग की । उन्होंने स्वां नदी तटीकरण के लिए साढ़े चार सौ करोड़ जारी करने की प्रक्रिया को आरम्भ करने की मांग की, जिसे भारत सरकार ने रोक दिया है।

उन्होंने कहा कि सिंचाई जन स्वास्थ्य विभाग के डिवीजन को उना से मंडी तबदील नहीं किया जाए, उना में बनने वाले पीजीआई केन्द्र के लिए सड़क का निर्माण करने के लिए पैसा दिया जाए और एम्ज के बिलासपुर में निर्माण के लिए शीघ्र टैंडर किए जाएं। उन्होंने आग्रह किया कि विधायकों द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए निश्चित समय सीमा तय की जाए।

सतपाल रायजादा उना ने मांग की कि उना, मैहतपुर और संतोषगढ़ में सीवरेज प्लांट चालू किया जाए। उना में नया मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाए। उन्होंने उना हरोली पुल के शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बड़सेरा में हाल ही में खोला गये कॉलेज को बंद नहीं किया जाए।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री किशन कपूर, स्वास्थ्य मंत्री श्री विपिन सिंह परमार, उद्योग मंत्री श्री बिक्रम सिंह भी बैठक में शामिल हुए तथा अपने बहुमूल्य सुझाव प्रदान किए।

मुख्य सचिव श्री विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डॉ. श्रीकान्त बालदी तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

जिला हमीरपुर

भोरंज विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश कुमारी ने निर्वाचन सभा क्षेत्र, जहां पेयजल की भारी किल्लत है, के लिए मुख्य जलापूर्ति योजना तैयार करने तथा विभिन्न स्थानों पर हैण्डपम्पों की स्थापना करने का आग्रह किया।

उन्होंने सड़कों के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि, परनालियां के निर्माण, नागरिक अस्पताल भोरंज में डाक्टरों के पदों को भरने तथा इस अस्पताल को मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए फर्स्ट रैफरल यूनिट का दर्जा प्रदान करने की मांग की। उन्होंने बलोखड़ तथा सलोह में नए खोले गए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों के निर्माण की भी मांग उठाई।

सुजानपुर के विधायक राजेन्द्र राणा ने सुझाव दिया कि सरकार को राज्य की वित्तीय हालत में सुधार लाने तथा रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए पर्यटन क्षमता के समुचित दोहन तथा जल विद्युत उत्पादन को बढ़ाने के लिए गम्भीर प्रयास करने चाहिए।

उन्होंने उनके विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही स्वीकृत सड़कों व पुल परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाने, लोगों की मांग पर बस सेवाएं आरम्भ करने तथा सुजानपुर में बस अड्डे के निर्माण की मांग की। उन्होंने सुजानपुर अस्पताल के लिए अतिरिक्त भवन के निर्माण तथा अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करने का आग्रह किया।

हमीरपुर विधानसभा के विधायक नरेन्द्र ठाकुर ने हमीरपुर में राज्य के एक मात्र तकनीकी विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए धनराशि जारी करने की मांग उठाई।

उन्होंने हमीरपुर मैडिकल कॉलेज में इस सत्र से कक्षाएं आरम्भ करने के लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा करने तथा हमीरपुर अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों को भरने की मांग की। उन्होंने सड़कों की मुरम्मत तथा पक्का करने के कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित बनाने तथा हमीरपुर में आधुनिक बस अड्डे के निर्माण के लिए भी आग्रह किया।

बड़सर के विधायक इन्द्र दत्त लखनपाल ने नागरिक अस्पताल बड़सर के सुदृढ़ीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भोटा, बिझड़ी, चकमोह तथा बड़ाग्रां में चिकित्सकों और पैरा मैडिकल कर्मचारियों की तैनाती करने तथा ढटवाल में पहले से ही अधिसूचित अग्निशमन कार्यायल को क्रियाशील बनाने की मांग की।

उन्होंने बड़सर में बस अड्डा, बिजली तथा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागों में और अधिक फील्ड स्टाप का प्रावधान करने बिझड़ी क्षेत्र में विद्युत उप केन्द्र तथा विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों की स्थापना के लिए आग्रह किया।

नादौन विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखविन्द्र सिंह ठाकुर ने उनके विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही स्वीकृत स्पाईस पार्क का निर्माण कार्य शुरू करने का आग्रह किया, जो किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ बनाने में कारगर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित हैलीपोर्टस का कार्य लोक निर्माण विभाग को सौंपा जाना चाहिए और दूरी कम करने के लिए शिमला-मटौर राष्ट्रीय राज मार्ग पर और अधिक सुरंगों का निर्माण किया जाना चाहिए।

उन्होंने बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित बनाने के लिए गति सीमा मानदण्डों पर राज्य के राष्ट्रीय राज मार्गो के लिए विस्तृत परियोजनाएं तैयार करने का सुझाव दिया।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री विरेन्द्र कंवर तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष हंसराज भी बैठक में उपस्थित थे।