14 साल बेमिसाल :शून्य ब्याज दर पर 53 हजार 523 किसानों को कृषि ऋण मिला

कवर्धा—(छत्तीसगढ़)——छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है और उनका लाभ भी किसानों को मिल रहा है।

एक ओर जहां किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है वहीं दूसरी ओर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाती है। किसानों का राज्य का आर्थिक विकास और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान है,उनके हितों को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानों के धान का उपार्जन कर उन्हे सही एवं समूचित मूल्य दिलाना एवं बिचौलियों से किसानों को बचाना है।

कबीरधाम जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए धान उपर्जान केन्द्र बनाए गए है और उन उपार्जन केन्द्रों पर किसानों द्वारा विक्रय हेतु लाए गए धान की खरीदी की जा रही है। राज्य शासन ने किसानों की सुविधा के लिए जिले में 60 समितियों सहित कूल 80 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान की खरीदी की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए व्यापक प्रबंध किए गए है, ताकि किसानों को अपने उपज का समुचित दाम मिल सके और किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं होगी। जिले में खरीफ वर्ष 2017-18 में समर्थन मूल्य पर 46 हजार 409 मेट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसमें से मोटा 12 हजार 507 में. टन सरना धान 6 हजार 385 में.टन तथा पतला धान 27 हजार 517 में.टन धान की खरीदी की गई है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीगढ़ शासन द्वारा इस वर्ष मोटा एवं सरना धान 1550रूपए प्रति क्विंटल एवं पतला धान 1590 रूपए के हिसाब से धान खरीदी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में बोनस तिहार का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से जिले भर के 50 हजार से अधिक किसानों को 69 करोड़ 76 लाख 23 हजार रूपए का धान का बोनस वितरण किया गया।

किसानों को खाद बीज के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके तहत जिले के 60 प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से 53 हजार 523 किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है।

किसानों के आर्थिक उन्नति और प्रगति के लिए बनाई गई सौर सुजला योजना कबीरधाम जिले के 508 किसानांें के उनके आर्थिक समृद्धि का आधार बन गया है। जिल के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के किसानों के के लिए यह योजना बड़ी मददगार साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा इस योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना से उन किसानों को अधिक फायदा मिला,जहां पर बिजली की व्यवस्था नहीं थी। योजना के तहत किसानों को 3 एचपी और 5 एचपी के पंप दिए जाने का प्रावधान रखा गया है।

अजा-जजा के किसान 7 हजार देकर 3 एचपी का पंप प्राप्त होता है। वहीं ओबीसी कृषक 12 हजार और सामान्य वर्ग के किसानों को 15 हजार पर पम्प मिलता है। इसी तरह से 5 एचपी पंप के लिए अजाजजा के किसान को 10,ओबीसी को 15 और सामान्य को 30 हजार रुपए में देने का प्रावधान शामिल है।