11 तिथियां सुनिश्चित के वाबजूद भी कोर्ट में हाजिर नही –जमानती वारंट जारी

चुनाव प्रचार के दौरान धारा 144 का उल्लंघन
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इलाहाबाद ——— सूबे की पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हुआ है। विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट पवन कुमार तिवारी ने धारा 144 (निषेधाज्ञा) का उल्लंघन करने के मामले में यह आदेश जारी किया है।

सोमवार को विशेष न्यायालय में रीता बहुगुणा जोशी के दो मुकदमों में सुनवाई हुई। आपराधिक वाद में गैरहाजिर रहने पर उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया गया। जबकि दूसरे मामले में, जो कि क्रिमिनल निगरानी याचिका है, में सुनवाई के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। इस प्रकरण में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनऊ हितेंद्र हरि के आदेश 22 फरवरी 2015 को चुनौती दी गई है।

कोर्ट ने याची रीता जोशी के द्वारा दी गई उन्मोचन अर्जी को खारिज कर दिया था। विशेष न्यायाधीश ने अवलोकन किया तो पाया कि इस मामले में संबंधित मजिस्ट्रेट द्वारा 14 फरवरी 2011 को प्रसंज्ञान लिया गया। इसके बाद 11 तिथियां सुनिश्चित की गई, लेकिन आरोपित रीता बहुगुणा जोशी व मीरा सिंह कोर्ट में हाजिर नही हुईं। तब अदालत ने जमानती वारंट जारी किया।

स्पेशल कोर्ट ने प्रकरण को गंभीरता से लेते अब एनबीडब्ल्यू का आदेश पारित किया। पूर्व कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल करते हुए पर्यटन मंत्री ने आधार लिया है कि मीटिंग के दौरान प्रशासन ने कोई नोटिस नहीं दिया था। वे उस समय कृष्णा नगर मुहल्ले में कांग्रेस (तब कांग्रेस में थीं) के पक्ष में चुनाव प्रचार में थी।

उनके साथ तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मीरा सिंह व राजबहादुर भी थे। लखनऊ के थाना कृष्णा नगर में मजिस्ट्रेट मुकेश चतुर्वेदी स्टेटिक सर्विलांस टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कृष्णा नगर क्षेत्र में रीता जोशी व मीरा सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान धारा 144 का उल्लंघन किया था।