हरियाणा पंजीकरण (आधार नम्बर का उपयोग) नियम, 2017 अधिसूचित

चण्डीगढ़————— हरियाणा सरकार ने हरियाणा पंजीकरण (आधार नम्बर का उपयोग) नियम, 2017 अधिसूचित किया है जो उप-रजिस्ट्रार और संयुक्त उप-रजिस्ट्रार के सभी कार्यालयों में लागू होंगे, जैसा कि पंजीकरण महानिरीक्षक, हरियाणा द्वारा अधिसूचित किया गया है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अधिनियम की धारा 32ए में वर्णित जानकारी एकत्र करने की वैध विधि के रूप में निष्पादकों की सहमति आधारित आधार प्रमाणीकरण का प्रयोग उप-रजिस्ट्रार कार्यालयों और संयुक्त उप-रजिस्ट्रार कार्यालयों में किया जाएगा जो प्रणाली को नागरिकों के अनुकूल बनाने और बेनामी तथा धोखाधड़ी से किए गए लेनदेन की पहचान करने और उसे रोकने में पर्याप्त रूप से योगदान देगा।

दस्तावेज के पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले आवेदक को अपनी पहचान और उसके प्रमाणीकरण की स्थापना के उद्देश्य के लिए अपना आधार नंबर और अन्य विवरण प्रदान करना होगा। पंजीकरण कार्यालय में विवरण के सत्यापन के समय आवेदक को आधार प्रमाणन करना होगा।

आवेदक, जिसने आधार के तहत अपना नाम दर्ज नहीं किया है और जो आधार अधिनियम की धारा 3 के अनुसार आधार नंबर प्राप्त करने का हकदार है, को आधार नम्बर प्राप्त करने के लिए आधार नामांकन के लिए आवेदन करना होगा। ऐसे आवेदक आधार कार्ड के लिए नामांकन हेतु www.uidai.gov.in पर उपलब्ध किसी भी आधार नामांकन केंद्र पर जा सकते हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि आधार प्राप्त करने के लिए पात्र आवेदक के लिए आधार नामांकन हेतु राज्य में जिला के रजिस्ट्रार को इसके लिए विशेष रूप से नामित पंजीकरण कार्यालय और अन्य कार्यालयों में आधार नामांकन सुविधाएं स्थापित करनी होंगी। आधार नामांकन के लिए आवेदक www.uidai.gov.in पर उपलब्ध नामित कार्यालय में ऐसी नामांकन सुविधा से संपर्क कर सकते हैं और आधार में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। ये केंद्र आधार अद्यतन (बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय) सुविधाएं भी प्रदान करेंगे।

आवेदक जिन्होंने आधार के लिए नामांकन किया है और उन्हें आधार नम्बर नहीं मिला है, उन्हें डीड के पंजीकरण के समय आधार नामांकन स्लिप पर मुद्रित 28 अंकों की आधार नामांकन आईडी प्रदान करनी होगी। उन्होंने बताया कि एक बार जब ऐसे आवेदकों को आधार नम्बर दे दिया जाता है तो उन्हें आधार नंबर ऑनलाइन प्रदान करना होगा और पंजीकरण कार्यालय या नामित कार्यालयों, जैसा भी मामला हो, में आधार प्रमाणन करवाना होगा।

यदि किसी सुविधाजनक नामित पंजीकरण कार्यालय या अन्य कार्यालयों में आधार नामांकन सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो आवेदक को ऐसे नामित पंजीकरण कार्यालय में आधार नामांकन के लिए अनुरोध करना होगा। पंजीकरण कार्यालय या नामित कार्यालय ऐसे आवेदक को एक अनुरोध संख्या जारी करेंगे।

यह अनुरोध संख्या आवेदक द्वारा विलेख के पंजीकरण के समय दर्ज करवाई जाएगी। सुविधा उपलब्ध हो जाने के बाद या पास के आधार नामांकन केंद्र में आवेदक को आधार नामांकन करवाना होगा और इसके बाद 28 अंकों की ऑनलाइन नामांकन आईडी उपलब्ध करवाई जाएगी।

आधार नामांकन के लिए किया गया आवेदन डीड के पंजीकरण की तिथि से छ: मास के बाद का नहीं होना चाहिए। आवेदक, जो पंजीकरण अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के तहत विलेख के पंजीकरण के लिए हकदार है, लेकिन आधार के लिए नहीं, को इसके लिए पात्र बनते ही आधार नामांकन के लिए आवेदन करना होगा। नामांकन के लिए आवेदन करने के बाद उक्त वर्णित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

बशर्ते कि आधार संख्या की अनुपलब्धता के मामले में, पंजीकरण अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के तहत इंस्ट्रयूमेंट के पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों के उत्पादन के अधीन ऐसे निष्पादक और गवाहों को अनुमति दी जाएगी, जैसे कि उन्होंने आधार नामांकन के लिए नामांकन किया है, उनकी आधार नामांकन आईडी पर्ची या आधार नामांकन, भारत सरकार द्वारा जारी किया गया पासपोर्ट, फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र, आयकर विभाग द्वारा जारी फोटोयुक्त पैन कार्ड, भारत सरकार, राज्य सरकार या सरकारी कार्यालय के प्रधान द्वारा अपने सेवारत कर्मचारियों को जारी किया गया कोई भी फोटो पहचान पत्र।

उन्होंने बताया कि सभी दस्तावेज समाप्ति की तिथि के भीतर होने चाहिए। अचल संपत्तियों के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज पंजीकरण प्राधिकारी के समक्ष पंजीकरण के लिए प्रस्तुत किए जाते हैं। निष्पादक की पहचान स्थापित करने के लिए पहले ही उल्लिखित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इन नियमों के प्रावधान संगठनों, संस्थाओं, एचयूएफ (कर्ता) पंजीकृत कंपनी, पंजीकृत और अपंजीकृत कंपनियों जैसे संस्थाओं के लिए भी लागू होंगे, जिनमें इन प्राधिकरणों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के उल्लेख का प्रावधान होगा।