सुविधा, वोटर्स हेल्पलाइन, पीडब्ल्यूडी तथा सी-विजिल

झज्जर—- जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त संजय जून ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा के आम चुनाव के लिए चार विशेष मोबाइल एप्लीकेशन नामत: सुविधा, पीडब्ल्यूडी, वोटर्स हेल्पलाइन व सी-विजिल एप तैयार किए है।

यह एप निर्वाचन संबंधी कार्यों जिनमें मतदाता सूची या मतदान केंद्र के बारे में जानकारी, दिव्यांगजन मतदाताओं को मतदान केंद्र पर मिलने वाली सुविधाएं, राजनीतिक दल व उम्मीदवार द्वारा सभा, रैली व अन्य कार्यों के लिए ली जाने वाली अनुमति तथा आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी शिकायतों के लिए यह एप्लीकेशन बेहद कारगर साबित होंगी। इन एप को एंड्रायड मोबाइल पर प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

राजनीतिक दल व उम्मीदवार के लिए सुविधा एप

जिला निर्वाचन अधिकारी ने सुविधा एप के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में राजनीतिक दल या उम्मीदवार को प्रचार संबंधी कार्य जिनमें जनसभा, रैली आदि की अनुमति की आवश्यकता होती है। सुविधा एप के माध्यम से इन कार्यों की अनुमति के लिए आवेदन किया जा सकता है। इस एप के माध्यम से आवेदन करने में राजनीतिक दल या उम्मीदवार के समय की बचत होगी।

दिव्यांगजन मतदाताओं के लिए पीडब्ल्यूडी एप

भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान केंद्रों पर दिव्यांगजन मतदाताओं को मतदान में अधिक से अधिक भागीदार बनाने के लिए विशेष फोकस किया है। दिव्यांगजन मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष एप पीडब्ल्यूडी तैयार किया है। दिव्यांगजन मतदाता इस एप के माध्यम से निर्वाचन विभाग से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मतदाताओं के लिए वोटर्स हेल्प लाइन

झज्जर जिला में 12 मई को होने वाले मतदान में वहीं मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। मतदाता सूची या मतदान केंद्र के बारे में जानकारी वोटर्स हेल्पलाइन एप के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। वोटर्स हेल्प लाइन एप के जरिए मतदाता निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं।

आचार संहिता का उल्लंघन रोकने में कारगर सी-विजिल

उपायुक्त ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो चुकी है। आचार संहिता के उल्लंघन को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक कारगर एप सी-विजिल तैयार किया है। इस एप के माध्यम से वोटो या वीडियो अपलोड कर कोई भी आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कर सकता है। एप के माध्यम से आने वाली लोकेशन पर एक समयसीमा के भीतर शिकायत पर कार्रवाई होगी।