‘सांप्रदायिक सौहार्द’ का योगी का यूपी माडल

लखनऊ 18 नवम्बर 2017—(रोबिन वर्मा)—— रिहाई मंच ने आठ महीने की भाजपा सरकार में दंगा न होने के योगी के दावे को झूठा करार दिया. मंच ने कहा की योगी पहले तो खुद पर लगे दंगे के मामलों को ख़त्म करने के लिए सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, अब उनका बयान साफ करता है की वे ऐसे दंगाइयों के संरक्षण के खुद खड़े हो गए हैं.

रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा की नगर निकाय चुनाव की जनसभा को संबोधित करते हुए योगी कह रहे हैं की कानून व्यवस्था की स्थिति सुधरी है और 8 महीने में कोई दंगा नहीं हुआ तो उन्हें बताना चाहिए की अभी हाल में बलिया, कानपुर, बाराबंकी, अम्बेडकरनगर, बहराइच, आजमगढ़ में दशहरे और मुहर्रम के बीच जिस तरह से मुस्लिम समुदाय पर हमले हुए और दुकाने लूटी गई वो क्या सांप्रदायिक सौहार्द का यूपी माडल है.

उन्होंने कहा की योगी सरकार निकाय चुनाव को लेकर डरी हुई है इसीलिए वह व्यपारियों के हित की झूठी बात बार-बार कर रही है. जबकि सच्चाई यह है कि नोटबंदी और जीएसटी ने पूरे व्यापारी वर्ग को तबाह कर दिया है.

योगी के अपराधियों की बेल कैंसिल करने के बयान पर रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने कहा की वे बिलकुल सही कह रहे हैं. जिसका प्रमाण भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर हैं जिनकी जमानत के बाद उन पर रासुका लगा दी गई, कानपुर में दशहरे-मुहर्रम में हुए विवाद पर मुस्लिम पक्ष पर रासुका लगाई जाती है.

बलिया के सिकंदरपुर के भाजपा नेता की रहनुमाई में मुसलामनों की दुकानों में तीन दिन तक लूटपाट की जाती है. जहाँ कई विडियो भी वायरल होते हैं की कानून-व्यवस्था का राज कहने वाली योगी की पुलिस दंगाइयों के साथ मुस्लिम पक्ष पर हमलावर है.

उन्होंने कहा की योगी सरकार साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं लूटपाट और आगजनी की एफआईआर नहीं दर्ज कर रही है. उन्होंने कहा की योगी बोल रहे हैं की वे ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं कर रहे हैं तो उन्हें बताना चाहिए की जब उनके गृह जनपद में बच्चे इलाज के आभाव में मर रहे थे तो वे क्यों बयान दे रहे थे की सड़क पर नमाज होगी तो सड़क पर डीजे बजेगा. जबकि ज्यादातर तनाव में इस डीजे का अहम रोल रहा है जिस पर हाई कोर्ट तक बोल चुका है.

शाहनवाज आलम
प्रवक्ता रिहाई मंच
9415254919