सभी को मिलेगी एक समान पेंशन : जिलाधिकारी जवाबदेह – मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा

देहरादून, 04 जनवरी, 2014 –  सभी को मिलेगी एक समान वृद्धावस्था, विकलांग एवं विधवा पेंशन सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए जिलाधिकारियों को बनाया जायेगा जवाबदेह समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली वृद्धावस्था, विकलांग एवं विधवा पेंशन में वृद्धि की जायेगी। बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम से दी जाने वाली ऋण की धनराशि में वृद्धि की जायेगी। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रभावी उपाय किय जाये। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाय। मसूरी, हल्द्वानी, हरिद्वार और रूद्रपुर के लिए वाल्वों बस सेवा शुरू की जाय। देहरादून, हरिद्वार, रूद्रपुर व हल्द्वानी के लिए 400 नई बसे जे.एन.एन.यू.आर.एम के तहत खरीदी जायेगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने शनिवार को सचिवालय में परिवहन तथा समाज कल्याण विभागों की प्रगति की समीक्षा के दौरान दिये।

समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि कमजोर और निर्बल वर्ग के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं में तेजी लायी जाय। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन की धनराशि में वृद्धि करते हुए एक समान की जायेगी। इसके लिए अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाय।उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित रोजगारपरक योजनाओं में तेजी लाय जाय। उन्होंने कहा कि बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम द्वारा स्वतः स्वरोजगार के लिए दी जाने वाली ऋण की धनराशि रुपये 7 लाख में वृद्धि करते हुए 15 लाख रुपये तथा स्वरोजगारियों को दिये जाने वाले ऋण के ब्याज में सब्सिडी दी जायेगी। इसके लिए भी कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जायेगा।

बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम से स्व रोजगार के लिए आवेदकों की वार्षिक आय 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने के निर्देश दिये गये। अन्र्तजातीय विवाह योजना के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित शिक्षण संस्थाओं को अनुदान सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव प्राप्त किये जाय। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए जनपद, ब्लाॅक व तहसील स्तर पर कार्यक्रम संचालित किये जाय।

मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा ने परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रभावी उपाय किय जाये। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाय। मसूरी, हल्द्वानी, हरिद्वार और रूद्रपुर के लिए वाल्वों बस सेवा शुरू की जाय। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में ओवरलोडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में प्रभावी ढंग से रोक थाम लगाई जाय, इसके लिए आर.टी.ओ. को नियमित रूप से चैकिंग अभियान चलाये। उन्होंने कहा कि निजी आपरेटरों द्वारा संचालित वाहनों की दुर्घटना में मृत लोगों के परिजनों को समय पर मुआवजा मिले, इसके लिए बीमा कंपनियों के साथ बैठक की जाय। image

उन्होंने सचिव परिवहन को निर्देश दिये कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किये जाय कि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगे।प्रभावितों को समय पर बीमा राशि मिले, इसके लिए जिलाधिकारी को जिम्मेदार बनाया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था लागू की जाय। उन्होंने कहा कि वाल्वो बस सेवा मसूरी, हल्द्वानी, रूद्रपुर तथा हरिद्वार के लिए भी शुरू की जाय। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम को आय संसाधन विकसित करने होंगे, इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाय। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम अपने वर्कशाॅप को और बेहतर करे, इसके लिए राज्य मंे संचालित मोटर कंपनियों से अपने वर्कशाॅप स्थापित करने को कहा जाय।

उन्होंने कहा कि मोटर कंपनियों के स्वयं के वर्कशाॅप स्थापित होने से निगम का घाटा कम होगा, साथ ही अच्छी सर्विस भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में वाहन चालक प्रशिक्षण संस्थान तथा आई.एस.बी.टी. का निर्माण शीघ्र किया जाय, इसके लिए वन विभाग से स्वीकृति दिला दी जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा ने कहा कि आपदा के समय परिवहन विभाग द्वारा आपदा प्रभावितों को दी गई वाहन सुविधा के लिए आपदा प्रबंधन विभाग से 5 करोड़ रुपये की धनराशि दी जायेगी। उन्होंने सितारगंज बस अड़डे के निर्माण में तेजी लाने तथा प्रवेश शुल्क को पूरी तरह से आॅनलाइन करने के भी निर्देश दिये। बैठक में प्रमुख सचिव समाज कल्याण एस.राजू ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन 400 रुपये, विकलांग पेंशन 600 रुपये तथा विधवा पेंशन 500 रुपये दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम के माध्यम से भी एस.सी. तथा एस.टी. वर्ग के लोगों को स्वरोजगार के लिए सहायता दी जा रही है। सचिव परिवहन उमाकांत पंवार ने बताया कि प्रदेश में टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया गया है। राज्य में सिघंल विडो सिस्टम लागू किया गया है। घर बैठे टैक्स जमा करने की योजना को लागू किया गया है।

150 नई बसे खरीदी गई है, इसके अलावा 400 नई बसे खरीदने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.एस.संधू, अपर सचिव मुख्यमंत्री दिलीप जावलकर, उत्तराखण्ड परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक चन्द्रशेखर भट्ट, निदेशक समाज कल्याण विनोद सुमन, सहित समाज कल्याण और परिहवन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।