सबका साथ सबका विकास सम्मेलन

रायपुर ————कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने जगदलपुर के अभिनंदन पार्क में आयोजित सबका साथ सबका विकास सम्मेलन में आसना के हिड़मा, मोतीराम और बैसाखू को प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत स्वीकृति पत्र प्रदान किया।

उन्होंने ठाकुर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक द्वारा फोटो स्टुडियो के लिए गुंजन जैन को दो लाख रुपए का ऋण भी मुद्रा लोन योजनांतर्गत प्रदान किया। मंत्री ने बिरिंगपाल के बुधराम और तितिरगांव के जगदुराम को ट्राईसिकल प्रदान किया। उन्होंने उज्जवला योजनांतर्गत तिलक वर्मा, मैरी जॉन, कलावती, लखमी, चम्पा, रत्ना, शांति व दयमति को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया।

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कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल

उन्होंने कुम्हली के कल्याण सिंह, बम्हनी के कुरसो देवांगन व रामदास, मारकेल के कमलोचन, सुकलधर व लैछन, रामपाल के कंवल सिंह व कमलोचन व बड़े बादाम के गूण्डे को खनिज निधि न्यास से पावर स्प्रेयर पम्प आत्मा योजनांतर्गत रामपाल के बैसाखू, पण्डरीपानी के आशाराम, कुम्हली के कल्याण सिंह, नगरनार की श्रीमती सुशीला व राधामनी, घाटपदमूर की कमली तथा परपा के कृष्णा को अरहर बीज व नेतानार के दशमू तथा बुका को रागी बीज प्रदान किया। मछलीपालन विभाग द्वारा संचालित योजनांतर्गत तितिरगांव के नकुल जोशी, उलनार के पाकलू, काकरवाड़ा के सदाराम नाग को ड्रेगनेट तथा जगदलपुर के पुखराज व तुलसी को आईस बॉक्स प्रदान किया गया।

मंत्री श्री अग्रवाल ने यहां लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों से बातचीत की। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, श्रम विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र, मत्स्यपालन विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली।

मंत्री ने उद्यानिकी विभाग के स्टॉल में गेंदे के फूलों की खेती करने वाले कोलचूर के जयराम से बातचीत कर फूलों की खेती से हो रही आमदनी के संबंध में जानकारी ली। जयराम ने बताया कि वह एक एकड़ में गेंदे की खेती कर रहा है और मात्र 30 हजार रुपए की लागत से उसने 1 लाख 60 हजार रुपए के फूलों की बिक्री की। उसने बताया कि वह फूलों को जगदलपुर के स्थानीय व्यापारियों को बेचता है और फूलों की खेती में देखभाल की चिंता नहीं होती।

मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए पिछले तीन वर्षों में 125 योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।

मंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व कोई गरीब व्यक्ति बैंक खाता होने की कल्पना भी नहीं कर सकता था, किन्तु जनधन खाते खोलकर गरीबों को बैंकों से जोड़ा गया। पूरे प्रदेश में 1 करोड़ 28 लाख बैंक खाते खोले गए। अब गरीबों के पेंशन और तेंदूपत्ता के बोनस के पैसे को कोई गबन नहीं कर सकता, क्योंकि अब यह सीधे उसके बैंक खाते में जाता है। उन्होंने कहा कि रिक्शा चलाने वाला, किराने वाला या कोई भी तरक्की की राह में आगे बढ़ने वाला मेहनतकश युवा को स्वयं का व्यापार करने के लिए ऋण की जरुरत होने पर मुद्रा ऋण योजना के तहत बिना जमानत के ऋण मिल जाता है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के साढे़ तीन करोड़ युवाओं को 1800 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है, जिससे वे सुदखोरों के चंगुल से निकलकर स्वयं का व्यापार कर तरक्की की राह में आगे बढ़ सकें। मंत्री ने नोटबंदी को पूरे विश्व की सबसे बड़ी योजना बताते हुए कहा कि इस योजना से बैंकों में जमा हुई राशि से देश और यहां की गरीब जनता के विकास के लिए कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि माताओं को फेफड़े में जाने वाले धुएं से बचाने के लिए मात्र 200 रुपए में एलपीजी कनेक्शन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें भी लगभग 150 रुपए वापस हितग्राही के खाते में सब्सिडी के रुप में वापस आ जाएंगे। उन्होंने एलपीजी के उपयोग से पर्यावरण को होने वाले लाभ का उल्लेख भी किया।

कृषि मंत्री ने कहा कि 2022 तक सभी को आवास दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरु की गई, जिसके तहत डेढ़ लाख से पौने दो लाख रुपए आवास निर्माण के लिए गरीबों को दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही आवास निर्माण के लिए ऋण में भी छूट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खेतों तक बिजली नहीं थी, वहां सौर सुजला योजना के तहत मात्र 12 से 18 हजार रुपए में सोलर सिंचाई पम्प स्थापित किए जा रह हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से मात्र दो प्रतिशत प्रीमियम पर फसल के बीमा योजना की शुरुआत की। इस योजना से किसानों को बाढ़ व सूखा के साथ ही खेत में खड़ी फसल के साथ ही खलिहान में रखी फसल की सुरक्षा भी दी गई।

उन्होंने कहा कि कृषि के साथ ही पशुपालन भी कृषकों के लिए जरुरी है तथा इसे बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 12 लाख रुपए तक ऋण दिए जा रहे हैं। इसमें आदिवासियों को साढ़े सात लाख रुपए की छूट तथा गैर आदिवासियों को 6 लाख रुपए तक की छूट का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि जिले में महिलाओं के सम्मान और घर के हर सदस्य को स्वस्थ रखने के लिए 50 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण पूरा किया जा चुका है और 159 ग्राम पंचायतें खुले में शौच मुक्त हो चुकी हैं। मंत्री ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में मदद करने के लिए स्टार्ट अप इंडिया और स्टैण्ड अप इंडिया जैसी योजनाएं प्रारंभ की गईं, जिससे वे रोजगार मांगने के बजाए दूसरों को रोजगार दे सकें।

उन्होंने कहा कि कम पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार हेतु आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्किल इंडिया योजना चलाई जा रही है।

इस अवसर पर जगदलपुर विधायक एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री संतोष बाफना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जबिता मंडावी तथा कलेक्टर श्री धनंजय देवांगन ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री बैदूराम कश्यप, श्री लच्छुराम कश्यप, डॉ. सुभाऊ कश्यप, पूर्व महापौर श्री किरण देव, सहित जनप्रतिनिधिगण आदि उपस्थित थे।