संवाद स्थापित न होने से भ्रम की स्थिति— मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि जनसंख्या की दृष्टि से यह प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। इस प्रदेश ने हमेशा से देश को नेतृत्व प्रदान किया है। इसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का प्रमुख योगदान रहा है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश के नेतृत्व को बनाये रखने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को और अधिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अधिकारियों को काम करने की पूरी छूट दे रखी है, इससे उन्हें अपने दायित्वों के निर्वहन में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री जी आज यहां विधान सभा स्थित तिलक हाॅल में आई0ए0एस0 वीक के अवसर पर आयोजित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने जिलाधिकारी/एस0पी0/ एस0एस0पी0, मण्डलायुक्त तथा शासन स्तर पर प्रमुख सचिव/सचिव स्तर पर कार्य प्रणाली को और सुचारु बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि ये सभी अधिकारी और बेहतर परिणाम दे सकते हैं।

जिलाधिकारियों का जनता तथा जनप्रतिनिधियों से व्यवहार अच्छा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

योगी जी ने कहा कि जिलाधिकारी/एस0पी0/एस0एस0पी0 जनसमस्याओं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें और जनता से संवाद स्थापित करें, ताकि लोगों को ऐसा न लगे कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। संवाद स्थापित न होने से भ्रम की स्थिति के चलते काफी समस्याएं होती हैं।

उन्होंने कहा कि जनता को गुणवत्तापरक प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए सत्ता का विकेन्द्रीकरण आवश्यक है। यह सच है कि कोई भी व्यक्ति अकेले सारा कार्य नहीं कर सकता। उन्होंने सुझाव दिया कि विभागांे के उप विभागों से ताल-मेल बनाने से काम आसान होगा, इससे कमिश्नरी स्तर पर भी अच्छे परिणाम आएंगे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह सरकार अब अपने कार्यकाल के आठ माह पूरे कर चुकी है, ऐसे में सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को ‘गुड गवर्नेन्स’ के सम्बन्ध में शासन की मंशा की भली-भांति जानकारी हो चुकी होगी। उन्होंने कहा कि जनपदों की समस्याओं का समाधान जनपद में ही हो जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें।

योगी जी ने कहा कि कई जनपदों से अवैध खनन की शिकायतें अभी भी मिल रही हैं। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में अवैध खनन पर रोक लगाये।ं उन्होंने उम्मीद जतायी कि शासन की नयी स्वच्छ प्रणाली से अब अच्छे परिणाम मिलेंगे। जिन जनपदों में अच्छे कार्य हुए हैं उनकी ‘सक्सेज स्टोरी’ प्रकाशित की जाए, ताकि लोगों तक जानकारी पहुंचे।

आम जनता तक किसी भी घटना की तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाये जाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा सम्बन्धित घटना के विषय में सही जानकारी तत्काल उपलब्ध करानी चाहिए।

योगी जी ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए अगले माह से राज्य सरकार ‘सी0एम0 हेल्पलाइन’ लागू कर रही है। इसके तहत लोग अपनी समस्याओं के विषय में जानकारी दे सकेंगे। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके जनपदों से सम्बन्धित समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए और शासन को इसकी सही जानकारी उपलब्ध करायी जाए।

उन्होंने कहा कि शासन जनसमस्याआंे की सुनवाई की स्थिति की माॅनीटरिंग करेगा। यदि लोगों की समस्याओं की सुनवाई ठीक ढंग से की जाएगी तो इसका जनता के ऊपर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमा बनी रहनी चाहिए, परन्तु उनकी जिम्मेदारियां भी तय की जानी चाहिए। समस्या समाधान पर उनका फोकस होना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि वे किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनें।

उनसे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहें। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों का यह दायित्व है कि वे शासन की योजनाओं को जिला स्तर पर लागू कर इसका लाभ जनता को दिलवायें। शासन द्वारा गेहूं की खरीद के विषय में उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गेहूं की खरीद में कोई शिकायत नहीं मिली।

इसी तरह धान खरीद की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा किसानांे को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाकर उनका सशक्तिकरण करने की है। राज्य सरकार द्वारा धान खरीद का मूल्य 1550 रुपये प्रति कुन्तल से लेकर 1590 रुपयेप्रति कुन्तल तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसानों को अपनी उपज का सही मूल्य मिले।

योगी जी ने कहा कि शासन की नीतियों की जानकारी जनता तक पहुंचाना तथा इसका लाभ उन्हें सुनिश्चित करना वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसका क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने अपेक्षा की कि सीनियर आई0ए0एस0 आॅफिसर्स अपने जूनियर्स को अपने अनुभवों से लाभान्वित करेंगे और उनका मार्गदर्शन भी करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा की गरिमा को बनाये रखने का दायित्व इस सेवा के अधिकारियों का है।

शासन और जनता उनसे बहुत उम्मीद करते हैं। उन्होंने इस पर गम्भीर मंथन का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों पर प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन भली-भांति करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि उनके विभाग प्रभावी ढंग से कार्य करें और लोगों को ‘गुड गवर्नेन्स’ से लाभान्वित करंे। जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में युवाओं को रोजगार दिलवाने के भी प्रयास करें । जिला उद्योग बन्धु की बैठकें आयोजित न हो पाने को गम्भीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि ये बैठकें पूरी गम्भीरता से आयोजित की जाएं।

राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में 21-22 फरवरी, 2018 को ‘इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का आयोजन प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। प्रदेश में लगने वाले उद्योग-धन्धों से राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार इसके प्रति
अत्यन्त संवेदनशील है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने उत्तर प्रदेश में जो वातावरण स्थापित किया उसके चलते उद्योगपति यहां से दूसरे राज्यों की ओर चले गये। उद्योगों के फलने-फूलने के लिए अच्छी कानून-व्यवस्था और राज्य से मिलने वाली सभी प्रकार की सहायता आवश्यक होती है।

योगी जी ने कहा कि फाइलों का त्वरित निस्तारण हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। इसके दृष्टिगत शासन द्वारा ई-आॅफिस व्यवस्था 22 विभागों में लागू की जा चुकी है। अन्य विभागों में भी इसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा, बाद में इसे जनपदों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फाइलों के निस्तारण में तेजी लायी जाए और वरिष्ठ अधिकारी निर्णय लेने में देर न करें।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार काम करने वाले अधिकारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यकुशलता का प्रभाव निचले स्तर पर भी पड़ता है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सम्पादित होने वाले कार्याें को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपने नेतृत्व से समाज में बहुत परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से ‘उत्तर प्रदेश’ की छवि बेहतर बनाने के लिए सक्रिय प्रयास करने की भी अपेक्षा की।

उन्होंने कहा कि जब वरिष्ठ अधिकारी ऐसा करेंगे तो निचले स्तर के कर्मचारी भी इसमें अपना योगदान देंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि आई0ए0एस0 वीक के दौरान जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के तरीकांे पर मंथन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की सेवाएं सर्वाेच्च हैं। ऐसे में उन्हें अपनी कार्य प्रणाली का विशेष ध्यान रखते हुए अपनी गरिमा बनाये रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का वहन करते हुए योजनाओं को धरातल पर लागू करें।

योगी जी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के पास प्रशासन से सम्बन्धित सभी शक्तियां हैं। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त श्री टी0एन0 शेषन का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी एक वरिष्ठ अधिकारी थे और उन्होंने ऐसे चुनाव सुधार लागू किए जो आज भी प्रशंसनीय हैं।

उन्होंने इन्दौर के जिलाधिकारी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रयासों से जनपद की कायापलट कर दी। उन्होंने आशा व्यक्त इस सम्मेलन के दौरान कुछ ठोस निष्कर्ष निकलेंगे।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री राज प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश आई0ए0एस0 एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद श्री प्रवीर कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक श्री सुलखान सिंह सहित बड़ी संख्या में आई0ए0एस0 अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अपर मिशन निदेशक श्री निखिल चन्द्र शुक्ल, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर तथा जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा प्रस्तुतिकरण दी गई।