श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह की दो इकाई मार्च और जुलाई से क्रियाशील

भोपाल :(प्रलय श्रीवास्तव)———— मध्यप्रदेश में स्थापित विद्युत क्षमता में मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा इस वर्ष 1320 मेगावाट की वृद्धि की जा रही है। इस परियोजना की पहली इकाई मार्च में और दूसरी इकाई जुलाई में क्रियाशील होगी।

कंपनी द्वारा श्री सिंगाजी ताप विद्युत परिसर में विस्तार परियोजना के रूप में सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित 660-660 मेगावाट की इकाई क्रमांक 3 एवं 4 की स्थापना मेसर्स एल एण्ड टी द्वारा ईपीसी आधार पर की जा रही है। इसके अंतर्गत बायलर, टरबाईन एवं जनरेटर सहित प्रमुख शेष संयत्रों के सिविल फाउण्डेशन कार्य पूर्ण कर विभिन्न संयंत्रों के इरेक्शन एवं कमीशनिंग के कार्य किए जा रहे हैं।

वर्तमान में परियोजना की सकल भौतिक प्रगति लगभग 88 प्रतिशत प्राप्त कर ली गई है। इन इकाइयों के बायलर संयंत्रों के हाईड्रोलिक टेस्ट समय पूर्व कर लिए गए है। एवं प्रथम इकाई के बायलर संयंत्र को प्रज्जवलित कर लिया गया है।

सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित 660-660 मेगावाट की पहली इकाई मार्च में क्रियाशील होगी एवं जुलाई से इस इकाई से वाणिज्यिक उत्पादन किया जाना प्रस्तावित है। दूसरी इकाई को जुलाई में क्रियाशील कर इससे नवंबर से वाणिज्यिक उत्पादन किया जाना प्रस्तावित है। अभी तक इस परियोजना पर लगभग 4240 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं।

कंपनी द्वारा केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार अमरकंटक ताप विद्युत गृह क्रमांक 1 एवं 2 तथा सतपुड़ा ताप विद्युत गृह क्रमांक 1,2 एवं 3 की पुरानी इकाइयों के स्थान पर सुपर क्रिटिकल इकाइयों की स्थापना के लिए रिपोर्ट प्राप्त कर आगामी की जा रही है।

इसके अलावा कंपनी द्वारा उसके समस्त जल एवं ताप विद्युत गृहों की उपलब्ध छतों और खाली पड़ी जगहों पर सोलर पैनल लगाने की कार्य-योजना बनाई गई है।