शर्म शर्म!! स्वास्थ्य मंत्री -‘‘अगस्त के महीने में काफी बच्चों की मौत –सुश्री मायावती

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का यह बयान कि ‘‘अगस्त के महीने में काफी बच्चों की मौत होती है‘‘, अत्यन्त ही दुःखद, संवेदनहीन व गै़र-ज़िम्मेदाराना ।

नई दिल्ली, 13 अगस्त, 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, सुश्री मायावती ने गोरखपुर मेडिकल कालेज अस्पताल में सरकारी स्तर पर उदासीनता व लापरवाही के कारण अभी हाल ही में कुछ दिनों के अन्दर हुई 60 से अधिक बच्चों की मौत के संदर्भ में कल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का यह बयान कि ‘‘अगस्त के महीने में काफी बच्चों की मौत होती है‘‘, को अत्यन्त ही दुःखद, संवेदनहीन व गै़र-ज़िम्मेदाराना बताकर इसकी कड़ी निन्दा करते हुये कहा कि कम-से-कम अब मुख्यमंत्री को जरूर सतर्क व सख़्त हो जाना चाहिये और इस गम्भीर घटना के लिये प्रथम दृष्टया दोषियों के खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई करना चाहिये ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।

मुख्यमंत्री के जनपद गोरखपुर में ही बच्चों की मौत की दुःखद घटनाओं के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कल शाम को व आज भी बुलायी गयी प्रेस कान्फ्रेंस में दी गयी सफाई पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये सुश्री मायावती जी ने आज अपने बयान में कहा कि ‘‘दोषियों को बख़्शेंगे नहीं‘‘ तथा ‘‘अपराधियों को बख़्शेंगे नहीं‘‘ आदि उपदेश सुनते-सुनते अब प्रदेश की जनता काफी ऊब चुकी है, क्योंकि ऐसी घोषणाओं के बाद ना तो कोई सख़्त कार्रवाई दोषियों के खिलाफ हो रही है और ना ही शर्मनाक व दुःखद आपराधिक घटनायें ही रूक रही हैं।

इस प्रकार प्रदेश बीजेपी सरकार अपराध-नियन्त्रण व कानून-व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा आदि जैसे आवश्यक बुनियादी जनसेवा के मामले में भी अब तक विफल ही साबित होती चली जा रही है।

गोरखपुर के ही बच्चों के मौत के लापरवाही के संगीन मामले में भी मेडिकल कालेज के प्रिन्सिपल को बलि का बकरा बनाकर प्रदेश सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से भागने का ही प्रयास किया है जबकि पीड़ित परिवारों में न्याय का एहसास दिलाने के लिये यह आवश्सक था कि तत्काल सख्त से सख्त कदम उठाया जाये जो कि नहीं किया जा रहा है और दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सम्बंध में केवल लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है।

देर से ही सही पर मुख्यमंत्री द्वारा इस सम्बंध में गोरखपुर मेडिकल कालेज का दौरा करना अच्छी बात है, परन्तु इसके बाद अपेक्षित सख्त कार्रवाई से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी सुधरेगी, विभाग में हर स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार कितना कम होगा तथा प्रदेश में अन्य माताओं की कितनी गोद सरकारी लापरवाही से बच पायेगी, यह आगे देखने वाली बात होगी। केन्द्र व प्रदेश की बीजेपी सरकार को यह नहीं समझना चाहिये कि प्रदेश व देश की जनता की उन पर कड़ी निगाह नहीं है।

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