व्यंग्यश्री –गिरीष पंकज सम्मानित

Vyangshri

मधुकांत वत्स (हिन्दी भवन) ————–व्यंग्यश्री सम्मान इस वर्ष चर्चित व्यंग्यकार गिरीश पंकज को दिया जा रहा है। यह सम्मान अपने समय के प्रतिष्ठित पत्रकार, वाचिक परंपरा के उन्नायक, हिन्दी व्यंग्य-विनोद के शीर्षस्थ हस्ताक्षर और हिन्दी भवन के संस्थापक पंडित गोपालप्रसाद व्यास के जन्मदिन के अवसर पर प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।

हिन्दी भवन के मंत्री डाॅ0 गोविन्द व्यास के अनुसार यह सम्मान उन्हें 13 फरवरी को शाम 5-30 बजे हिन्दी भवन सभागार में आयोजित एक समारोह में दिया जाएगा।

इस सम्मान के अंतर्गत उन्हें एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपये की राशि, वाग्देवी की प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र, रजत श्रीफल और शाल भेंट किए जाएंगे।

इससे पूर्व यह सम्मान श्री श्रीलाल शुक्ल, रवीन्द्रनाथ त्यागी, मनोहरश्याम जोशी, गोपाल चतुर्वेदी, के0 पी0 सक्सेना, ज्ञान चतुर्वेदी, यज्ञ शर्मा, सूर्यबाला, नरेन्द्र कोहली, जवाहर चैधरी, प्रदीप पंत, प्रेम जनमेजय, हरीश नवल तथा आलोक पुराणिक आदि को दिया जा चुका है।

श्री त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी के सान्निध्य में आयोजित इस समारोह में प्रतिष्ठित व्यंग्यकार श्री गोपाल चतुर्वेदी मुख्य अतिथि होंगे। डाॅ0 शेरजंग गर्ग, डाॅ0 प्रेम जनमेजय तथा डाॅ0 हरीश नवल की विशिष्ठ उपस्थिति होगी।

समारोह का संचालन सुपरिचित व्यंग्यकार श्री आलोक पुराणिक करेंगे।

श्री गिरीश पंकज के छह व्यंग्य उपन्यास प्रकाशित हो चुके है इनके अलावा ट्यूशन शरणम गच्छामि, भ्रष्टाचार विकास प्राधिकरण, मंत्री को जुकाम, नेताजी बाथरूम में, हिट होने के फार्मूले, सम्मान फिक्सिंग व्यंग्य संग्रहों के अलावा अभी तक साठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है।