वे कौन लोग हैं जो बदलाव से बेहालेतंग हैं — — शैलेश कुमार

—–93 % भारतीय भ्रष्टाचार भारत मुक्ति के अभियान से कोसों दूर।

—उद्योगपतियों से लेकर सरकारी अधिकारियो से फिक्स कमीशन बंद।
—विगत वर्षों से लूट की आमदनी बंद।
—वज्रपात से पचास लाख रूपये भूमि खरीददार से ऐठना और 25 लाख रूपये के स्टाम्प शुल्क।
—रजिस्ट्री आफिस से कोर्ट तक मालामाल , सरकार कंगाल।
—छूट के दायरे में टैक्स चोरी का माल बेचना
—टैक्स बचाने के लिए समस्त खानदान का बैंक एकाउंट खोलना।
—पांच प्रतिशत से लेकर 28 प्रतिशत टैक्स भी खुदरा विक्रेता ही भरता है।
—दो नम्बर की आय से सम्पति खरीदने वाले, तमाम वो लोग जिनकी आमदनी दलाली से हुआ करती थी,बंद ।
—राशन कार्ड सब्सिडी को आधार कार्ड से जोड़ने से राशन डीलर नाराज।
—दो लाख से ज्यादा नगदी आहरण पर रोक से प्रॉपर्टी डीलर नाराज।
—ऑनलाइन सिस्टम बनने से दलाल नाराज ।
—40,000 से अधिक NGO बन्द होने से NGO के मालिक नाराज़।
—3,00,000 फर्जी कंपनी बन्द होने से कंपनी के प्रबंधक नाराज ।
—E-Tender होने से ठेकेदार नाराज ।
—गैस सब्सिडी को बैंक खाते से जोड़ने से गैस एजेंसी वाले नाराज।
—12 करोड लोग इनकम टैक्स के दायरे में आने से इनकम टैक्स चोर नाराज।
—आटोमेटिक GST सिस्टम से टैक्स चोर व्यापारी नाराज।
—बेनामी संपत्ति कानून लागू होने से बेनामी संपत्ति वाले नाराज
—नम्बर-2 के लोगों का फलना फूलना बन्द ।
—दो लाख से ज्यादा नगदी आहरण पर रोक से श्याम – श्वेत वाले नाराज
—ऑफिस में फिंगरप्रिंट अटेंडेंस से आलसी अधिकारी नाराज।
—रिश्वत देकर काम करवाने वाले नाराज।
—घोटाला करने वाले नेता और अधिकारी नाराज हैं ।
—बैंक एकाउंट्स को आधार कार्ड और पैन कार्ड से जोड़ने से फर्जी कंपनी खाता धारक वाले नाराज ।
—नोट बंदी से घर में करोड़ो के नगदी रूपये बेकार होने से नगदी कारोबारी नाराज।
—पैन कार्ड अनिवार्य होने से लाखो, करोड़ो की ज्वेलरी नगदी में बेचने और खरीदने वाले नाराज हैं।
— कमीशन और घोटाला बंद होने से विरासत के राजनीति वाले नाराज ।
—-टैक्स चोर और उनके मददगार, फ्री का माल खाने वाले, देश को लूटने वाले … मोदी को कोस रहे है।
—देश के बारे में सोचिए, देश बचा रहेगा तो सब कुछ मिलेगा।