वीरभद्र सिंह सही मायनों में विकासों के फकीर – राहुल गांधी

शिमला—————-राष्ट्रीय कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज जिला मण्डी के पड्डल मैदान में आयोजित रैली में विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। उन्होंने वीरभद्र सिंह को 7वीं बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए लोगों का आह्वान किया।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात तथा हिमाचल प्रदेश में हुए विकास की तुलना की तथा प्रदेश में शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ लगभग 70,000 युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोज़गार प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की।
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अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय कांग्रेस उपाध्यक्ष ने वीरभद्र सिंह को सही मायनों में फकीर बताया तथा लोगों से उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने को कहा।

राहुल गांधी ने ‘विजय से विकास’ रैली के साथ ही प्रदेश में चुनाव अभियान का आरम्भ किया तथा कहा कि हमें एकजुट होकर प्रदेश में वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाकर एक बार फिर कांग्रेस सरकार को विजयी बनाना होगा ताकि राज्य निरंतर प्रगति कर सके।
उन्होंने केन्द्रीय सरकार तथा नरेन्द्र मोदी की नीतियों की आलोचना की तथा उन्हें जीडीपी में गिरावट के लिए जिम्मेवार ठहराया।

उन्होंने कहा कि जीडीपी में आई 2 प्रतिशत की गिरावट आर्थिक सुधारों की अव्यवस्था को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए परेशानी बनने वाले वस्तु व सेवाकर (जीएसटी) को लोगों पर अकारण थोपा है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से वस्तु व सेवाएं और भी मंहगी हो गई है तथा यह निर्णय लघु व सीमान्त व्यापारियों के हितों को दरकिनार करते हुए जल्दी में लिया गया है।

उन्होंने कहा कि समग्र देश में एक कर के वजाय एनडीए सरकार ने पांच विभिन्न प्रकार के कर लगाकर अर्थव्यवस्था को बुरी तरह हिला दिया है, जिसमें 28 प्रतिशत का कर लगाने से शुरूआत की गई है। यह निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा झटका था।

उन्होंने केन्द्र सरकार की विमुद्रीकरण के लिए भी आलोचना की तथा कहा कि इस फैसले ने लोगों को चांकाया है तथा परेशानियां और भी बड़ी है।

राहुल गांधी ने जनसैलाब के प्रति अपनी भवनाएं जाहिर करते हुए कहा कि या तो रैली के दौरान उनके उपर भी छत न होती या फिर सभी लोगों को इस भीषण गर्मी से बचाने के लिए उपयुक्त इन्तजाम होते।

राहुल गांधी ने दोनों राज्यों के बीच तुलना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में बेरोज़गार युवाओं को 1000 रुपये का मासिक बेरोज़गारी भत्ता प्रदान किया जा रहा है जबकि गुजरात में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि गत पांच वर्षों में हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने 15000 स्कूल खोले व स्तरोन्नत किए जबकि गुजरात में 13000 हजार स्कूल बन्द किए गए है।

उन्होंने कहा कि गत पांच वर्षों में हिमाचल सरकार ने प्रदेश में चार मैडिकल कॉलेज व 57 डिग्री कॉलेज खोले हैं जबकि गुजरात में केवल 25 डिग्री कॉलेज खोले गए व कोई भी मैडिकल कॉलेज नहीं खोला गया। उन्होंने विकास के नाम पर गुजरात के लोगों को बेवकूफ बनाने वाले गुजरात विकास मॉडल की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों के निर्धन लोगों को गृह निर्माण के लिए 1.30 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है जबकि गुजरात में यह आंकड़ा मात्र 70,000 रुपये है। प्रदेश में सामाजिक कल्याण पैंशन के अन्तर्गत 700 रुपये मासिक प्रदान की जा रही है जबकि गुजरात में यह राशि केवल 450 रुपये मासिक है।

राहुल गांधी ने कहा कि एनडीए सरकार ने युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए प्रतिवर्ष 2 करोड़ रोज़गार प्रदान करने के वचन को भी पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में भी असमर्थ रही है तथा केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के कर्ज माफ करने की विफल नीतियों के चलते सैंकड़ों किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए लोगों का उनका समर्थन करने व भरपूर प्यार देने के लिए धन्यवाद प्रकट किया तथा कहा कि प्रदेश के लोगों के साथ उनके पारिवारिक सम्बन्ध हैं तथा लोगों के साथ उन्हें बेहद स्नेह है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग उनके परिवार के सदस्य है।

उन्होंने कहा कि लोगों के मार्गदर्शन व सुझावों के फलस्वरूप ही हिमाचल प्रदेश एक लम्बा सफर तय कर देश का सबसे विकसित राज्य बन पाया है। उन्होंने पण्डित जवाहर लाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक पूरे गांधी परिवार को हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए कार्य करने का श्रेय दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य के 95 प्रतिशत शैक्षणिक संस्थान प्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान खोले गए हैं तथा गत पांच वर्षों के दौरान लगभग 230 स्वास्थ्य संस्थान खोले व स्तरोन्नत किए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मांग पर एम्स के लिए भूमि उपलब्ध करवाई है लेकिन भाजपा के प्रादेशिक नेता दावा करते हैं कि केन्द्र सरकार ने एम्स को स्वीकृति प्रदान की तथा इसके लिए धन उपलब्ध करवाया है।

‘‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हॅूं कि यह केन्द्र सरकार की जिम्मेवारी है कि विकास कार्यो के लिए धन में राज्यों का हिस्सा राज्यों का दें और इसी तरह एम्स के लिए भी धन किसी की निजी जेब से नहीं दिया गया है बल्कि यह धन भारत सरकार द्वारा राज्यों के हिस्से के तौर पर दिया जाता है और धन को प्राप्त करने का राज्यों को पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार केन्द्र शासित प्रदेशों को आवश्यक धन देने की बात का बखान करती है तो यह उचित है क्योंकि केन्द्र शासित प्रदेश केन्द्र सरकार के नियंत्रण में हैं लेकिन राज्य सरकारों के हक के मामले में ऐसा कहना उचित नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि केन्द्र में चाहे कोई भी सरकार हो, यह केन्द्र सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि राज्यों को उनके लिए निर्धारित किया गया धन अवश्य मिले ।

उन्होंने कहा कि यद्यपि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सम्मान करते हैं लेकिन वह देश में ऐसी नीतियां लागू कर नहीं कर सकते जो निरंकुशता की ओर अग्रसर हों। उन्होंने कहा कि वस्तु व सेवा कर ने भारतीय आर्थिकी की कमर तोड़ कर रख दी है ।

प्रदेश की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए उन्होने बताया कि राज्य के निर्माण के समय मात्र 288 किलोमीटर सड़कें थीं, जो बढ़कर आज 37 हजार किलोमीटर हो गई हैं । राज्य ने 100 प्रतिशत विद्युतिकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है । प्रत्येक गांव में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है और आज राज्य में 137 डिग्री कालेज हैं जिनमें से 57 इस कार्यकाल में खोले गए हैं ताकि उच्च शिक्षा सुदूर गांवों तक भी पहुॅच सके।

उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार अपने सभी चुनावी वायदे पूरे करने में नाकाम रही है जो उन्होंने पिछले तीन वर्षों के दौरान देश की जनता के साथ किए थे।

स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने राहुल गांधी का स्वागत किया और पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने धन्यवाद किया ।

इस अवसर पर हिमाचल में कांग्रेस पार्टी के प्रभारी सुशील कुमार शिंदे, राज्य सभा सदस्य आनन्द शर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव एवं हिमाचल की सह-प्रभारी रंजीता रंजन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविन्द्र सुक्खू तथा विप्लव ठाकुर ने भी अपने विचार रखे ।