विश्व हिन्दी दिवस —हिन्दी हमारी राष्ट्रीय एकता की पहचान है–मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ ——— मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
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डॉ. सिंह ने विश्व हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि हिन्दी हमारी राष्ट्रीय एकता की पहचान है, जिसे अब विश्व स्तर पर भी पहचान और प्रतिष्ठा मिलने लगी है।

एक सर्वेक्षण के अनुसार चीनी भाषा मंदारिन के बाद आज भारत की राष्ट्र भाषा हिन्दी दुनिया की दूसरी सर्वाधिक प्रचलित भाषा के रूप में चिन्हांकित की गई है, जबकि अंग्रेजी भाषा तीसरे स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने हिन्दी भाषा को देश और विदेश में अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए सभी लोगों से हर संभव प्रयास करने की अपील की है।

उन्होंने कहा – यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि हर साल 10 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी दिवस मनाया जाता है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा -हिन्दी न सिर्फ हमारे देश में बल्कि मॉरिशस, फिजी, सूरिनाम, त्रिनिडाड, संयुक्त अरब अमिरात (दुबई), इंग्लैंड, अमेरिका आदि दुनिया के जिन देशों में भी प्रवासी भारतीयों और भारतवंशियों की बसाहट है, वहां उनके द्वारा हिन्दी को अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इनमें से कई देशों में तो हिन्दी सर्वाधिक प्रचलित भाषा है।

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर (महाराष्ट्र) में आयोजित किया गया था। इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा 10 जनवरी 2006 को हर साल 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी यह दिवस उत्साह के साथ मनाया जाता है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा – 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के बाद भारतीय संविधान सभा में हमारे महान नेताओं ने 14 सितम्बर 1949 को सर्वसम्मति से हिन्दी को भारत की राजभाषा बनाने का निर्णय लिया था। हिन्दी संवैधानिक रूप से भारत की राजभाषा है।

अनेकता में एकता वाली हमारी महान भारतीय संस्कृति में देश के सभी राज्यों की अपनी समृद्ध भाषाएं और उनका अपना समृद्ध साहित्य भी है। इन समस्त भाषाओं का अपना महत्व है। इन सबके बीच हिन्दी पूरे देश में व्यापक रूप से प्रचलित भाषा है, जो देश को एकता के सूत्र में बांधकर रखती है।