विशेष पंचवर्षीय कार्य-योजना–

रायपुर———— नीति आयोग भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के चयनित दस जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और आधारभूत अधोसंरचना के लिए शीघ्र ही विशेष पंचवर्षीय कार्य-योजना तैयार की जाएगी।
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इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर ने बताया कि नीति आयोग द्वारा महत्वाकांक्षी पंचवर्षीय योजना (2018-2022) के तहत देश में 115 जिलों का चयन किया गया है।

छत्तीसगढ़ के दस जिले-बस्तर, बीजापुर, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), उत्तर बस्तर (कांकेर), कोण्डागांव, नारायणपुर, सुकमा, कोरबा, राजनांदगांव और महासमुंद शामिल है। इन जिलों में विशेष कार्य-योजना बनाकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, मछलीपालन, कौशल विकास, वित्तीय प्रबंधन और आधारभूत अधोसंरचनाओं के क्षेत्र में कार्य किए जाएंगे। इसकी समीक्षा सीधे नीति आयोग द्वारा की जाएगी। मुख्य सचिव ने जिलों के प्रभारी सचिवों को भी भ्रमण के दौरान इस कार्य-योजना के तहत नीति आयोग द्वारा तय किए गए कार्यो की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री बी.व्ही.आर. सुब्रहमण्यम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की सचिव सुश्री शहला निगार, कृषि विभाग के सचिव श्री अनूप कुमार श्रीवास्तव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री आशीष कुमार भट्ट, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अनिल साहू, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री हेमंत पहारे, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग की विशेष सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. आर.के. सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।