विजन-2022 -जैसलमेर जिले के विकास के लिए सुनहरा अवसर -केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री

जयपुर————- केन्द्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण राज्यमंत्री व विजन-2022 के जैसलमेर जिला प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने कहा कि नीति आयोग द्वारा देश में 115 जिलों को पिछडे जिले के रूप में चिन्हि्त किया गया है, उसमें जैसलमेर जिला भी शामिल है।
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उन्होंने कहा कि विजन-2022 के तहत जिले के विकास के लिए सुनहरा अवसर मिला है इसलिए अधिकारियों को विशेष मेहनत करने की जरूरत है एवं वे स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं सम्बद्व, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास तथा आधारभूत संरचनाओं के साथ ही धरातल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सही आंकडों को प्रस्तुत करें वहीं नीति आयोग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में दिए गए निर्धारित इन्डीगेटर के अनुरूप रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंनें कहा कि अधिकारी इसमें मनोयोग से कार्य करेगें तो इस जिले को पिछडे जिले से बाहर निकाला जा सकेगा।

श्री शेखावत सोमवार को जैसलमेर में विजन-2022 के संबंध में नीति आयोग द्वारा विचारणीय बिन्दुओं एवं जिले के विकास के पहलुओं के लिए आयोजित जिला अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थें।

बैठक में केन्द्रीय संयुक्त सचिव एवं जिला प्रभारी श्री सुधांश पंत, जैसलमेर विधायक श्री छोटूसिंह भाटी, जिला कलक्टर श्री कैलाश चन्द मीना के साथ ही जिलाधिकारी उपस्थित थेंं। केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मिशन मोड के रूप में इस विजन को लेते हुए वे आंकडों से उपर उठ कर धरातल में विभिन्न क्षेत्रों में किस प्रकार से विकास किया जाएं उसका पूरा रोड मेप एवं कार्य योजना तैयार करें एवं विकास के संबंध में जो भी बाधाएं आती है एवं उनको किस प्रकार से दूर किया जा सकता है उसकों भी सम्माहित करते हुए रिपोर्ट बनावें ताकि हम इस विजन-2022 के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में जिले का चहुंमुखी विकास का अमलीजामा पहना सकें। उन्होंनें विकास के लिए आधारभूत सुविधाएं जिनकी जरूरत रहेगी उसको भी इस विजन में सम्मिलित करने पर जोर दिया।

श्री शेखावत ने बैठक में बताया कि नीति आयोग द्वारा स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं सम्बद्व, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास, आधारभूत संरचना के संबंध में जो अंक निर्धारित किए गए है उसी पैरामीटर अनुरूप इन क्षेत्रों में विकास को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना को तैयार करें एवं उसी अनुरूप कार्य करना प्रारम्भ करें।

उन्होंनें जिला कलक्टर को कहा कि वे इन सभी क्षेत्रों में नोडल अधिकारी लगाकर कार्य योजना को वास्तविक रूप से तैयार करावें ताकि हम नीति आयोग के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर जिले के विकास के लिए योजना को स्वीकृत करा सकें। उन्होंनें कहा कि जिन इन्डीगेटर में जो निर्धारित मापदण्ड है उसमें इस जिले की परिस्थिति को देखते हुए जो रियायत चाहते है उसको भी रिपोर्ट में सम्मिलित करें ताकि इसमें भी नीति आयोग से आवश्यक कार्यवाही कराई जा सकें।

श्री शेखावत ने पेयजल के संबंध में नीति आयोग द्वारा जो इन्डीगेटर निर्धारित किया गया है उसी अनुरूप पेयजल आपूर्ति का पूरा रोडमेप एक माह में तैयार कराने पर जोर दिया एवं जिला कलक्टर को कहा कि वे पेयजल के साथ ही अन्य एजेन्सी को लगाकर इसमें वास्तविक कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें।

उन्होंनें प्रधानमंत्री सडक योजना में भी इस जिले में जनसंख्या के मापदण्ड में रियायत के प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। उन्होंनें बैठक में वित्तीय समावेशन की चर्चा करते हुए मुद्रा ऋण वितरण, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना की प्रगति पर भी समीक्षा की एवं इसमें भी प्रगति लाने के निर्देश दिए।

उन्होंनें कौशल विकास के तहत जिले में पर्यटन के साथ ही अन्य क्षेत्रों में जिस ट्रेड की आवश्यकता है उसमें अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया।

उन्होंनें बैठक में विद्युत, पेयजल, शौचालय, ग्राम पंचायतों में इन्टरनेट कनेक्टीविटी, प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में विस्तार से अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की एवं निर्देश दिए कि वे भी आधारभूत सुविधा विकसित करने के लिए नीति आयोग द्वारा जो इन्डीगेटर दिए गए है उसी अनुरूप कार्य योजना बनाकर क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित करावें।

उन्होंनें कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री जी के विजन-2022 को ध्यान में रखते हुए हर क्षेत्र में विकास के कार्य को अंजाम देना है एवं उसी अनुरूप कार्य योजना बनानी है। उन्होंनें सभी अधिकारियों को टीम भावना से कार्य कर इस विजन में सफलता हासिल करने पर जोर दिया।

संयुक्त सचिव एवं विजन-2022 के जिला प्रभारी श्री सुधांश पंत ने कहा कि देश के विकास को नया स्वरूप देने के उद्देश्य से विजन-2022 की सोच को विकसित किया गया है एवं उसी गति से विकास हो इसके लिए नीति आयोग ने उसी के अनुरूप इन्डीगेटर बनाएं है। उन्होंनें बताया कि जिलों के विकास के लिए 5 इन्डीगेटर स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं सम्बद्व, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास, आधारभूत संरचना के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए है।

उन्होंनें अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन विभिन्न क्षेत्रों में 31 मार्च 2018 तक की वास्तविक कार्य योजना को तैयार करें एवं इन क्षेत्रों में किस प्रकार से विकास किया जा सकें उन सभी तथ्यों एवं समस्याओं को भी इसमें सम्मिलित करें। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में निर्धारित मापदण्ड एवं गाईडलाइन में परिवर्तन करना चाहते है उसके भी प्रस्ताव भारत सरकार को भिजवावें। उन्होंनें अधिकारियों को निर्देश दिए कि नीति आयोग द्वारा निर्धारित किए गए इन्डीगेटर के अनुरूप ही रिपोर्ट तैयार करेंं।

उन्होंनें कहा कि विजन-2022 के तहत 1 अप्रेल 2018 से इसकी प्रभावी मॉनेटरिंग शुरू हो जाएगी एवं हर दिन पोर्टल पर इसकी ऑनलाईन रेटिंग की भी समीक्षा होगी। उन्होंनें जिला कलक्टर को कहा कि वे भारत सरकार ने इस विजन के तहत जो पैरामीटर निर्धारित किए है उसी अनुरूप जिले की कार्य योजना को शीघ्र ही तैयार करवा दें। उन्होंनें अधिकारियों को कहा कि वे आंकडों को वास्तविक रूप से ही प्रस्तुत करें ताकि उसमें इस विजन के तहत विकास की और अधिक गुजांईश रहें।

उन्होंनें कहा कि जिला प्रभारी मंत्री द्वारा इस विजन-2022 के संबंध में जिले की योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंनें आशा जताई कि सभी अधिकारी इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए नीति आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के अनुरूप ही जिले की रिपोटिंग करेगें।

उन्होंनें कहा कि इस जिले में सोलर पार्क विकास की भी विपुल संभावना है उसको भी इस कार्य योजना में शामिल करने के साथ ही जिले के पर्यटन, हेरीटेज संरक्षण, कला एवं संस्कृति की कार्य योजना तथा सुरक्षा एजेन्सीयों की भी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाने पर जोर दिया।

जैसलमेर विधायक श्री छोटूसिंह भाटी ने इस जिले की विषम परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निर्धारित मापदण्डों में रियायत दिलानें, विभागों में मेनपॉवर बढाने, जनसंख्या के मापदण्ड में रियायत दिलाने के साथ ही बालिका शिक्षा के लिए विशेष कार्य योजना बनाने की आवश्यकता जताई।

जिला कलक्टर श्री कैलाश चन्द मीना ने बैठक में विजन-2022 के संबंध में तैयार की गई कार्य योजना की जानकारी देते हुए कहा कि विभागों में मेनपॉवर की पूर्ति कराने, शिक्षा के क्षेत्र में आवासीय विद्यालय स्वीकृत कराने, बालिकाओं के लिए आवासीय सुविधा स्वीकृत कराने, शिक्षकों के लिए जैसलमेर केडर की अलग से भर्ती कराने, वाहन किलोमीटर में रियायत दिलाने की जरूरत है।

उन्होंनें कहा कि इस बैठक में जिला प्रभारी मंत्री एवं जिला प्रभारी अधिकारी जो विजन-2022 के संबंध में दिशा निर्देश प्रदान किए है उसी अनुरूप जिलाधिकारियों से कार्य संपादित किया जाएगा। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग भार्गव ने विजन-2022 के संबंध में तैयार की गई रिपोर्ट को प्रस्तुत किया।