वार्षिक योजना बैठकें अब वर्ष में दो बार

शिमला ——– मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने कहा कि विधायकों द्वारा दी गई प्राथमिकताओं की प्रगति की समीक्षा के लिए वार्षिक योजना बैठकें अब वर्ष में दो बार आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि सभी विकासात्मक परियोजनाएं निश्चित समय सीमा के भीतर पूरी की जाए। इसके अलावा निर्माणाधीन परियोजनाओं की समय पर स्वीकृति प्रदान की जानी चाहिए।
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मुख्यमंत्री आज यहां मण्डी, बिलासपुर तथा कुल्लू जिलों के विधायकों के साथ 2018-19 के बजट में उनकी प्राथमिकताओं को अन्तिम रूप देने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि सड़कों की कमज़ोर गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों तथा अधिकारियों के विरूद्ध सरकार कड़ी कार्रवाही करेगी, क्योंकि सड़कों की मैटलिंग तथा टायरिंग कार्य में अनियमितताओं के सम्बन्ध में राज्य के लगभग सभी भागों से बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही है।

मण्डी जिला

करसोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक हीरा लाल ने विधानसभा क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने तथा विभिन्न धार्मिक स्थानों में और अधिक सुविधाएं प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने करसोग अस्पताल में ट्रामा संेटर, स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा रिक्त पदों को भरने के अलावा क्षेत्र में जलापूर्ति तथा सिंचाई योजनाआंे के क्रियान्वयन और सड़कों के सुधार के लिए आग्रह किया।

सुन्दरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने बीबीएमबी परियोजना से सरपल्स भूमि वापिस लेने तथा इसे अन्य कार्यालयों की स्थापना तथा आम जनमानस की सुविधा के लिए प्रयुक्त करने का मामला उठाया। उन्होंने सिविल अस्पताल सुन्दरनगर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में और अधिक चिकित्सकों की तैनाती करने तथा डैहर व निहारी क्षेत्रों के लिए पेजयल आपूर्ति योजना का प्रावधान करने की मांग की।

नाचन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे विनोद कुमार ने निर्वाचन सभा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विकास के लिए विशेष परियोजना लाने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने नागरिक अस्पताल गोहर में बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने तथा और चिकित्सकों व पैरा मैडिकल स्टाफ की तैनाती करने के लिए आग्रह किया। उन्होंने उप-मण्डल गोहर में अग्निशमन स्टेशन तथा चैलचाॅक और गोहर में बस अड्डों के निर्माण की भी मांग की।

द्रंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक जवाहर ठाकुर ने निर्माणाधीन सिंचाई, जलापूर्ति तथा अन्य योजनाओं के शीघ्र निर्माण की मांग की ताकि लोगों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा क एंटी हेल गन और अन्य इसी प्रकार की परियोजना उनके विधानसभा क्षेत्र में शुरू की जानी चाहिए, ताकि कृृषि व बागवानी उत्पादों को ओला वृष्टि से बचाया जा सके।

जोगिन्द्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने उनके विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य तथा शिक्षण सुविधाओं की दयनीय स्थिति पर चिन्ता जाहिर की तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लडभ

मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर आश्वासन दिया कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए सप्ताह में एक दिन एसडीएम लडभ

बल्ह विधानसभा क्षेत्र के विधायक इन्द्र सिंह ने उनके निर्वाचन सभा क्षेत्र के लिए पेयजल तथा सिंचाई योजनाएं शुरू करने, नए खोले गए शिक्षण संस्थानों के लिए भवनों का निर्माण तथा अवैध खनन में संल्पित लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाही की मांग की।

सरकाघाट के विधायक कर्नल इन्द्र सिंह ने युद्ध स्तर पर पेयजलापूर्ति योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा करने, सीर खड्ड के तट्टीकरण तथा पम्प आॅप्रेटरों तथा फिटरों के रिक्त पदों को भरने के लिए आग्रह किया। उन्होंने सरकाघाट अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन, चिकित्सकों व शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को भरने के लिए आग्रह किया।

जिला कुल्लू

कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुन्दर सिंह ठाकुर ने लाहौल-स्पिति, पांगी तथा आस-पास के क्षेत्रों से मरीजों के दबाव को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चिकित्सकों के 18 रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया। उन्होंने जिले में मैडिकल काॅलेज की स्थापना करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पण्डोह तथा लारजी बांधों को पर्यटन गतिविधियों के लिए विकसित किया जाना चाहिए।

बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र शौरी ने जल विद्युत परियोजनाओं के कारण प्रभावित 69 परिवारों को रोज़गार प्रदान करने तथा 540 अन्य परिवारों के एक मुश्त स्थापन के लिए आग्रह किया।

उन्होंने बंजार बाईपास, सैंज पुलिस पोस्ट को पुलिस स्टेशन में स्तरोन्नत करने तथा बंजार में डीएसपी की प्रति नियुक्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने धार्मिक पर्यटन तथा जल क्रीड़ाओं को प्रोत्साहित करने तथा तीर्थन नदी में ट्राॅउट मच्छली का उत्पादन शुरू करने के लिए भी आग्रह किया है।

आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोरी लाल ने वर्षभर पर्यटन गतिविधियां सुनिश्चित बनाने के लिए श्रीखण्ड महादेव तक सड़क सुविधा अथवा रज्जू मार्ग विकसित करने के लिए आग्रह किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के लिए पशु औषद्यालय, विभिन्न सड़क परियोजनाओं, सिंचाई तथा जलापूर्ति योजनाओं के शीघ्र निर्माण की भी मांग की।

जिला बिलासपुर

झण्डूता के विधायक जीत राम कटवाल ने पाॅग बांध विस्थापितों का मुद्दा उठाया और उनके शीघ्र प्रतिस्थापन के लिए नीति लाने के लिए आग्रह किया, जिन्होंने राष्ट्र के लिए योगदान किया है। उन्होंने पुलों के निर्माण, पेजयल समस्या तथा कम बोल्टेज की समस्या का समाधान करने के अलावा चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया। उन्होंने मांग की कि उनके विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा विद्युत विभागों के अधीशाषी अभियन्ताओं की तैनाती की जाए।

घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेन्द्र गर्ग ने विधानसभा क्षेत्र में उपलब्ध 250 बीघा भूमि औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए चिन्हित करने का सुझाव दिया, जो क्षेत्र के विकास तथा बड़े पैमाने पर युवाओं को रोज़गार प्रदान करने में मदद करेगी।

उन्होंने घुमारवीं शहर में कुड़ा-कचरा संयत्र स्थापित करने, अवैध कटान रोकने के लिए वन मण्डल की स्थापना, केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत रेशम पालन आरम्भ करने तथा नागरिक अस्पताल घुमारवीं में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए आग्रह किया।

बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुभाष ठाकुर ने पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास तथा उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए नीति में संशोधन करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के सुदृढ़ीकरण, कोल बांध जलापूर्ति योजना के शीघ्र क्रियान्वयन तथा बिलासपुर में नए बस अड्डे के निर्माण कि लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हाईड्रो इंजीनियरिंग काॅलेज बिलासपुर की कक्षाएं, जो वर्तमान में कांगड़ा जिले में बिठाई गई है, को बिलासपुर स्थानांतरित किया जाए।

श्री नैनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम लाल ठाकुर ने आॅउट सोर्सिंग के चलन तथा परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित बनाने के लिए सड़क जलापूर्ति तथा सिंचाई परियोजनाओं की सबलैटिंग पर प्रतिबन्ध लगाने तथा दोषि ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार को गौ-सदनों का निर्माण बजाए प्रत्येक पंचायत में करने के चुनिन्दा स्थानों पर किया जाना चाहिए ताकि गौ-सदनों की उपयुक्त मुरम्मत सुनिश्चित बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार को घटते जल स्तर के मध्यनजर दीर्घकालीन मुख्यजलापूर्ति योजनाओं के निर्माण की योजनाएं बनानी चाहिए।

बैठक में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, वन मंत्री गोबिन्द ठाकुर, मुख्य सचिव विनीत चैधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डाॅ. श्रीकान्त बालदी तथा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।