वायु प्रदूषण— एनजीटी के आदेशों का सख्ती से पालन करें विभाग : उपायुक्त

झज्जर, 09 नंवबर। जिला प्रशासन ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सभी संभव कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उपायुक्त सोनल गोयल ने शुक्रवार को पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि नैशनल ग्रीन ट्राईब्यिूनल (एनजीटी) और पर्यावरण प्रदूषण निवारण / नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की ओर से जारी आदेशों और नियमावली को लागू करने में किसी भी स्तर पर कोताही सहन नहीं की जाएगी।
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उपायुक्त ने कहा कि संबंधित एसडीएम अपने-अपने उपमंडल में एनजीटी और ईपीसीए के आदेशों को लागू करवाने के प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ईपीसीए ने आदेशों की अवहेलना करने के आरोपियों पर 50 हजार से पांच लाख तक जुर्माना करने का प्रावधान किया गया है।

— ढांचागत निर्माण कार्योे पर लगी रोक

उपायुक्त ने माननीय एनजीटी की प्रिंसिपल बैंच द्वारा वायु प्रदूषण को कम करने के लिए आदेश जारी किए आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि एनसीआर क्षेत्र में आगामी आदेशों तक सभी प्रकार के निर्माण कार्य (ढांचागत)पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने धूल मिट्टी से संबंधित कार्य को छोड़कर बाकि कार्य करने की अनुमति है। यह आदेश सरकारी व प्राइवेट सभी के लिए है।

50 हजार से पांच लाख तक जुर्माने का प्रावधान

उपायुक्त ने कहा कि ईपीसीए ने पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले उद्योगों, ढांचागत निर्माण कंपनियों व अन्य लोगों पर पचास हजार से पांच लाख रूपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। उपायुक्त ने कहा कि फसल अवशेष खेतों में जलाने पर पूर्ण प्रतिबंद हैं, बिना जिग -जैग प्रणाली वाले ईंट भट्टों, हॉट मिक्स प्लांटों को बंद करने के आदेशों को सख्ती से लागू किया जाए ।

— पुराने वाहनों को जब्त करने के आदेश

उपायुक्त ने कहा कि एनजीटी की ओर से जारी आदेशों पर ईपीसीए ने नियमावली जारी कर कहा कि दस साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पैट्रोल वाहन सड़कों पर नहीं चलने चाहिए। ऐसे वाहनों को सड़क पर मिलते ही जब्त करने के आदेशों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है। उपायुक्त ने कहा डस्ट व अन्य निर्माण सामग्री ढ़ोने वाले वाहनों पर भी पैनी नजर रखने को कहा ।
— पानी छिड़काव के दिए निर्देश

उपायुक्त ने अग्निशमन,लोक निर्माण, हुडा, मार्के टिगं बोर्ड और शहरी निकाय विभाग को धूल को जमाने के लिए जल छिड़काव के निर्देश दिए हैं। भवन निर्माण सामग्री विक्रताओं को भी कड़ी हिदायत दी जाएं कि वो अपनी भवन निर्माण सामग्री को खुले में न रखें और निरंतर पानी का छिड़काव करें। साथ बहादुरगढ़ स्थित हुडा सेक्टर दो की ग्रीन बैल्ट को तुरंत खाली करवाने के भी आदेश उपायुक्त ने दिए। उपायुक्त ने कहा कि धूल को रोकने के लिए मिट्टी की खुदाई पर पांबदी लगाई गई है।

–आमजन से सहयोग का आहवान

उपायुक्त ने आमजन का आहवान किया पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पंहुचने के कारण मनुष्य सहित जीव-जंतुओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पर्यावरण संरक्षण ही एकमात्र उपाय है जो हमें गंभीर बिमारियों से बचाव करता है।