लोगों की जो उम्मीदें पुलिस से है उसका ख्याल रखना आपका परम दायित्व है:- मुख्यमंत्री

पटना——-:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज जवाहर लाल नेहरु मार्ग स्थित सरदार पटेल भवन में पुलिस थानों के लिये क्रय किये गये 1001 नये वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर इसे बिहार पुलिस को सुपुर्द किया।

इस अवसर पर सरदार पटेल भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस कॉफी टेबल बुक एवं बिहार पुलिस कैलेंडर-2019 का विमोचन भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस के इतिहास तथा पिछले दशक में हुई कार्य क्षमता के उन्नयन से संबंधित लगी चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विमोचन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय ने पुष्प-गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनन्दन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आज के लोकार्पण एवं विमोचन कार्यक्रम के लिए सबसे पहले पुलिस मुख्यालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के इस कॉफी टेबल बुक का विमोचन 30 जनवरी को ही होना था लेकिन आदरणीय जॉर्ज फर्नांडिस के निधन के कारण हमें दिल्ली जाना पड़ा। आज बिहार पुलिस के कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ है, इसकी मुझे बेहद खुशी है।

उन्होंने कहा कि इस कॉफी टेबल बुक में बिहार पुलिस के इतिहास और पुलिसकर्मियों के योगदान को बेहतर तरीके से उल्लिखित किया गया है, जो भी इसे देखेगा उसे बिहार पुलिस के योगदान के विषय में जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी प्रकार के संसाधन पूरी मुश्तैदी के साथ मुहैया कराने के लिए हर समय तत्पर है।

12 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल भवन जो पुलिस मुख्यालय और आपदा प्रबंधन का एक विशिष्ट केंद्र है, इसका उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विषिष्ट डिजाइन के आधार पर इस भवन का निर्माण कराया जो भूकंपरोधी है। हमें नहीं मालूम कि पूरे देश में इस प्रकार का पुलिस मुख्यालय है या नहीं, आपदा प्रबंधन विभाग का भी अब यही कार्यालय रहेगा और गृह सचिव भी यही बैठेंगे।

उन्होंने कहा कि इसके मेंटेनेंस के लिए टेंडर किया गया है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग यहाँ आयेंगे, इससे एक्टिविटी ज्यादा होगी, ऐसी स्थिति में इस भवन का प्रोपर मेंटेनेस होना आवश्यक है, नहीं तो आप भवन कितना भी अच्छा बना दें और उसका प्रोपर मेंटेनेस नहीं होगा तो वह कचरे की पेटी में तब्दील हो जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 133 एकड़ में राजगीर में पुलिस अकादमी का निर्माण कराया गया है, जिसे देखकर लोग भ्रमित हो जायेंगे कि कहीं ये व्हाइट हाउस तो नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर की कमी है इसलिए वहां डी0एस0पी0, सब इंस्पेक्टर के अलावा आरक्षी की भी ट्रेनिंग होगी।

पुलिस अधिकारियों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस की राज्य सरकार से जो अपेक्षाएं हैं उसे हम कर रहे हैं लेकिन लोगों की जो आकांक्षाएं और उम्मीदें पुलिस से है उसका ख्याल रखना आप सभी का परम दायित्व है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ करने वालों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई करने के लिए आपको पूरी स्वायत्तता और स्वतंत्रता है। इसके साथ ही बिहार की कानून व्यवस्था और पब्लिक ऑर्डर का हर सूरत-ए-हाल में पालन होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पिछले 13 वर्षों में हमने किसी भी पुलिस अधिकारी को फोन करके किसी को बचाने या फंसाने के लिए जब नहीं कहा तो किसी और के कहने पर भी फंसाने या छोड़ने का काम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद लोगों की मानसिकता बदली है, बिहार के माहौल में परिवर्तन हुआ है, आपराधिक वारदातों और घरेलू हिंसा में भी काफी कमी आई है। ऐसी स्थिति में शराब का अवैध धंधा करने वालों पर तत्काल सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

शराबबंदी की प्रभावी तरीके से माॅनिटरिंग करने के लिए आई0जी0 प्रोहिबिशन का तंत्र विकसित किया गया है और जो भी मदद चाहिए, वह दी जायेगी इसलिए पूरी सजगता और मजबूती से आप सभी शराबबंदी पर ध्यान दीजिये। उन्होंने कहा कि जन अपेक्षा से अवगत कराने के साथ ही अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करना हमारा काम है इसलिए आपलोग न्यायसंगत ढंग से काम करिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कई प्रकार की जो आपराधिक घटनाएं घटित होती हैं, उसका सबसे बड़ा कारण है भूमि विवाद, जिसको देखते हुए लैंड सर्वे एवं सेटलमेंट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा भूमि का पारिवारिक बंटवारा मात्र 100 रूपये के खर्च पर करने का प्रावधान बिहार में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक नया लैंड सर्वे एवं सेटलमेंट का काम पूरा नहीं होता है, तब तक पुराने रिकाॅर्ड को अपडेट रखने की दिशा में भी कार्रवाई की गयी है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस बल की बड़ी भूमिका है। हमारी अपेक्षा पर आप खरे उतरिये तो लोगों को काफी प्रसन्नता होगी। एक दारोगा, डी0एस0पी0 या एस0पी0 यदि अच्छा काम करते हंै तो लोग न सिर्फ उसकी प्रशंसा करते हैं बल्कि उन्हें याद भी रखते हैं। ऐसे अच्छे ऑफिसर आप सब भी बनें ताकि लोगों के मन में आपकी अच्छी छवि हो। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के इतिहास को कॉफी टेबल बुक में दर्ज किया गया है, यह अच्छी बात है। इसे रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों को भी उपलब्ध कराइए ताकि वे उसे पढ़कर अपने अनुभव के आधार पर अपनी लेखनी के जरिये समाज को और बिहार पुलिस को कुछ दे सकें।

उन्होंने कहा कि जितनी गाड़ियों और आधुनिक अस्त्र-शस्त्रों की जरूरत होगी, उसे राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। सवालिया लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने कार्यभार संभाला था तो पुलिसकर्मियों की संख्या कितनी कम थी और आरक्षियों की पोशाक का क्या हाल था। इससे हर कोई भलीभांति अवगत है।

बिहार पुलिस के थानों में जो वाहन थे, उसे धक्का देकर स्टार्ट किया जाता था और उसकी आवाज इतनी ज्यादा थी कि दूर से ही सुनकर अपराधी समझ जाते थे कि पुलिस की गाड़ी आ रही है।

आयोजित कार्यक्रम को मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्री के0एस0 द्विवेदी, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री आमिर सुबहानी एवं पुलिस महानिदेशक श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर राजस्व पर्षद के अध्यक्ष एवं सदस्य श्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य श्री पी0एन0 राय, ए0डी0जी0 सी0आई0डी0 श्री विनय कुमार, प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री उषा किरण खान, बिहार राज्य पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री सुनील कुमार, आई0जी0 मद्य निषेध श्री रत्न संजय सहित पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारीगण, पुलिसकर्मी एवं सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।