लाल गुलाब के साथ जलमल शोधन संयंत्र — प्रधानमंत्री मोदी

पटना: एयरपोर्ट पर मुख्‍यमंत्री और राज्‍यपाल की आगवानी में लाल गुलाब से प्रधानमंत्री मोदी का स्‍वागत
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जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय

————— चार जलमल निकासी परियोजनाओं की लागत 738 करोड़ रुपए.
—————-चार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की लागत 3031 करोड़ रुपए.
—————-राष्ट्रीय राजमार्गों की लम्बाई 195 किलोमीटर.

चार जल निकासी परियोजनाओं में बेउर में जलमल शोधन संयंत्र, बेउर में ही जलमल नेटवर्क के साथ जलमल प्रणाली, करमालीचक में जलमल शोधन संयंत्र तथा सैदपुर में जलमल नेटवर्क निर्माण शामिल है.

—— परियोजनाओं से 120 एमएलडी नयी जलमल शोधन संयंत्र क्षमता सृजन.
—— बेउर में वर्तमान 20 एमएलडी क्षमता का उन्नयन.

——- चार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला

— एनएच 31 पर औंता..सिमरिया खंड को चार लेन————–
—-गंगा सेतु पर छह लेन की सड़क के निर्माण का कार्य.———–
—-कुल लागत 1161 करोड़ रुपए—————————-

एनएच 31 पर बख्तियारपुर..मोकामा खंड को चार लेन
—-837 करोड़ रुपए की लागत————
एनएच 107 पर महेश्वरखूंट सहरसा पूर्णिया खंड पर दो लेन की सड़क के निर्माण
——736 करोड़ रुपए की लागत———-
एनएच 82 पर बिहारशरीफ बरबीघा मोकामा खंड पर दो लेन की सड़क के निर्माण
—–297 करोड़ रुपए की लागत———–

जल संसाधन मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटन में सात अन्य जलमल परियोजनाएं लागू किये जाने के विभिन्न चरणों में है जिसमें से दीघा और कंकरबाग क्षेत्र में दो परियोजनाएं शामिल है. इन्हें हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के आधार पर सार्वजनिक निजी साझेदारी के तहत मंजूरी दी गई है.

पटना की वर्तमान जनसंख्या 16,83,000 है और शहर में वर्तमान में 220 एमएलडी उत्पन्न है.

साल 2035 तक इसके बढ़कर 320 एलएलडी होने की उम्मीद है.

शहर की वर्तमान शोधन क्षमता, कचरे के पैदा होने की मात्रा और साल 2035 तक कचरा पैदा होने के अनुमान के आधार पर छह क्षेत्रों में विश्व बैंक के वित्त पोषण के तहत 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है .

350 एलएलडी जलमल शोधन क्षमता सृजित होगी जिससे 1140 किलोमीटर का नेटवर्क सृजित किया जा सकेगा.

11 परियोजनाओं के पूरा हो जाने पर पटना में शत प्रतिशत जलमल शोधन आधारभूत ढांचा बन जायेगा और कोई गंदा जल गंगा नदी में नहीं बहाया जा सकेगा.