रैली, जुलूस, सभा की पूर्वानुमति आवश्यक—– सभी जिलों में 24X7 कंट्रोल रूम प्रारंभ

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ में लोकसभा निर्वाचन-2019 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।

निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है।

निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा अनुसार राज्य में 03 चरणों में निर्वाचन कार्य सम्पन्न कराए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ में कुल संसदीय निर्वाचन क्षेत्र-11:-

ST-04, SC-01, GEN-06

प्रथम चरण में 01 लोकसभा क्षेत्र (लोकसभा क्षेत्र बस्तर) में द्वितीय चरण में 03 (लोकसभा क्षेत्र कांकेर, राजनांदगांव एवं महासमुंद) एवं तृतीय चरण में 07 (लोकसभा क्षेत्र रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जॉजगीर-चाम्पा, दुर्ग एवं सरगुजा) लोकसभा क्षेत्र में निर्वाचन कराएं जाएंगे।

लोकसभा निर्वाचन-2019 की मतगणना 23.05.2019 को होगी।

मतदाता सूची का दिनांक 1 जनवरी 2019 की स्थिति में अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है।

प्रदेश में कुल 1,89,16,285 मतदाता है, जिनमें 94,77,113 पुरूष व 94,38,463 महिला मतदाता है। इनमें से तृतीय लिंग 709 है।

प्रदेश में कुल 15,758 सेवा मतदाता पंजीकृत हैं।

वर्ष 2014 के लोकसभा निर्वाचन में कुल मतदाता की संख्या 1,76,64,520 थी।

राज्य में इपिक कार्ड का प्रतिशत 99.81 है। प्रदेश में 18-19 वर्ष के मतदाता 4,60,394 हैं।

सतत अद्यतीकरण में भी मतदाता नामांकन की अंतिम तिथि तक अपना नाम मतदाता सूची में अंकित करा सकते हैं।

अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को प्रदाय की जा चुकी है।

प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में यथा संभव 02 संगवारी मतदान केन्द्र (महिला मतदान केन्द्र) स्थापित किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर आॅफ पोस्टल बैलेट सेवा मतदाताओं को जारी किए जाएंगे।
सी-विजिल, सुविधा, समाधान, सुगम सभी मोबाईल एप आदर्श आचार संहिता होने पर क्रियाशील हो गये हैं।

मतदान दिवस के पर्यवेक्षण के लिये राज्य के द्वारा C-TOPPS मोबाईल एप का प्रयोग किया जायेगा।

प्रत्येक मतदाता केन्द्र में मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित होगा।

राज्य में लोकसभा निर्वाचन-2019 की तैयारी पूर्ण कर ली गयी है।

प्रदेश में कुल 23,727 मतदान केन्द्र है। जिनमें 19,284 ग्रामीण क्षेत्र में व 4,443 शहरी क्षेत्र में है।

वर्ष 2014 के लोकसभा निर्वाचन में कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 21,424 थी।

प्रदेश के 23,727 मतदान केन्द्रों में 5,625 क्रिटिकल मतदान केन्द्र है।

प्रदेश में रिटर्निंग आॅफिसर व सहायक रिटर्निंग आॅफिसर की नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षित कर दिया गया है।

लोकसभा निर्वाचन हेतु पर्याप्त सुरक्षा बल की व्यवस्था की जा रही है।

राज्य के मतदाताओं को जागरूक करने के लिए स्वीप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया से मतदाताओं को जागरूक करने में सहयोग की अपेक्षा है।

दृष्टि बाधित मतदाता के लिये ब्रेल वोटर स्लिप उपलब्ध कराई जा रही है।

मतदाताओं की सुविधा के लिये टोल फ्री नंबर 1950 के माध्यम से मतदाता सूची में उनके नाम अंकित हैं कि नहीं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण शासकीय खर्च में लगाए गए समस्त होर्डिंग व प्रचार सामग्री हटा दिए जाएंगे।

आदर्श आचार संहिता लागू होते ही 24 घंटे के भीतर सभी शासकीय संपत्ति एवं शासकीय वेबसाईट्स से, 48 घंटे के अंदर सार्वजनिक स्थलों यथा बस स्टेण्ड, रेल्वे स्टेशन आदि से एवं 72 घंटे के अंदर निजी भवनों से समस्त प्रचार सामग्री हटाई जाना है।

शासकीय खर्च पर कोई भी विज्ञापन जारी नहीं किए जायेंगे।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 28-क के अधीन निर्वाचनों के संचालन के लिए नियोजित समस्त अधिकारी/कर्मचारी परिणाम घोषित होने तक निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर समझे जायेंगे और उस समय तक निर्वाचन आयोग के नियंत्रण अधीक्षण और अनुशासन के अधीन रहेंगे।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के पश्चात शासन के मंत्रियों के आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाएगा। इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर उसे गंभीरता से लिया जाएगा।

यदि कोई मंत्री निर्वाचन के कार्य से भ्रमण करते हैं, तो शासकीय कर्मचारी तथा अधिकारी उनके साथ नहीं जायेंगे।

ऐसे अधिकारियों को छोड़कर जिन्हें ऐसी सभा के आयोजन में कानून एवं व्यवस्था के लिए, सुरक्षा के लिए या कार्यवाही नोट करने के लिए तैनात किया गया हो, दूसरे अधिकारियों को ऐसी सभा या आयोजन में शामिल नहीं होना चाहिए।

कोई भी शासकीय कर्मचारी किसी राजनीतिक आन्दोलन में न तो भाग लेगा न उनकी सहायता के लिए चन्दा देगा और न ही किसी प्रकार का सहयोग देगा।

निर्वाचन अभियान में लाउडस्पीकर का उपयोग सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और उनके कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाता है। निर्वाचन प्रयोजनों के लिए आम सभाओं के दौरान स्थित दशा में अथवा किसी भी प्रकार के वाहनों में लगाए गए लाउडस्पीकर या किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे के मध्य प्रतिबंधित रहेगा।

सरकारी एवं गैर-सरकारी भवनों तथा निजी भवनों में भवन मालिक के अनुमति के बिना निर्वाचन के प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अथवा प्रत्याशी निर्वाचन संबंधी पोस्टर लगाना व नारा लिखने की कार्यवाही प्रतिबंधित है।

स्थानीय निकायों, शासकीय उपक्रमों, सहकारी संस्थाओं आदि के वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध- निर्वाचन की घोषणा से निर्वाचन के परिणाम घोषित होने तक केन्द्र व राज्य शासन के उपक्रम, संयुक्त क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिला पंचायतों, जनपद पंचायतों, नगर-निगम, नगर-पालिका, व नगर-पंचायत एवं विपणन बोर्ड, कृषि उपज मण्डी समिति, प्राधिकरणों या अन्य ऐसे निकाय जिनमें सरकारी वाहनों का उपयोग किया जाता है। उनके वाहनों का उपयोग प्रतिबंधित किया जाएगा।

सभी प्रकार के रैली, जुलूस, सभा की पूर्वानुमति आवश्यक होगी।

आदर्श आचार संहिता लागू होते ही इलैक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी प्रकार के राजनैतिक प्रचार सामग्री के प्रसारण के पूर्व प्रमाणीकरण आवश्यक होगा।

सभी जिलों में 24X7 कंट्रोल रूम प्रारंभ कर दिये गये हैं।