राष्ट्रीय लोक अदालत–राजीनामा की मुहर

प्रतापगढ़ (जनसंपर्क विभाग)———शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अनेकों मामलों पर राष्ट्रीय लोक अदालत की मुहर लगी और राजीनामा तय हुए।
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जिला मुख्यालय पर आज सवेरे से ही प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत की बैंचों में जिला एवं ताल्लुका न्यायालयों में मुकदमा दर्ज करने से पूर्व एक बार मिल तो लें’ की तर्ज पर प्रि-लिटीगेशन मामलों एवं न्यायालयों में लम्बित मामलों राष्ट्रीय लोेक अदालत बैंच के अध्यक्ष एवं सदस्यगण ने न्यायालयों में आये पक्षकारान को अपने मामले को आपसी सहमति व समझाईश की जिससे पक्षकारान अपने मामलों को निपटाने को सहजता से तैयार हो गये।

राष्ट्रीय लोक अदालत अभियान के तहत प्रतापगढ़ न्यायक्षेत्र के न्यायालयों में लम्बित मामलों में से लोक अदालत की भावना से राजीनामा वार्ता कराई जिसके चलते बहुतायत मामले निपटे तथा मुकदमा दर्ज करने से पूर्व एक बार मिल तो लें’ की तर्ज पर-प्रि-लिटीगेशन के मामलों में भी राजीनामा तय हुए।

आम जन को सस्ता शीघ्र एवं सुलभ न्याय दिलाने के मद्धेनजर आज प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत बैंच प्रथम-जिला एवं सेशन न्यायाधीश, प्रतापगढ़ राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता एवं सदस्य पुखराज मोदी, बैंच द्वितीय- विशिष्ठ न्यायाधीश अजा/अजजा (अनिप्र) प्रतापगढ़ अमित सहलोत की अध्यक्षता एवं सदस्य कमलसिंह गुर्जर, बैंच तृतीय- मुुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतापगढ़ सुन्दरलाल बंशीवाल की अध्यक्षता एवं सदस्य आशीष चतुर्वेदी एवं बैंच चतुर्थ- अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट जयश्री मीणा की अध्यक्षता एवं सदस्य श्रीमती ललिता गांधी ने प्राधिकरण के इस पुनीत एवं पावन कार्यक्रम में अपना सक्रिय सहयोग देते हुए आज के इस सफल आयोजन में पक्षकारान के बीच आपसी मध्यस्थता से विवादों का निपटारा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

बैंक प्रतिनिधियों एवं अभिभाषकगण ने निभाई सक्रिय भूमिका- जिले की कईं बैंक शाखाओं से पधारे शाखा प्रबन्धक सहित गांव-गांव से आये कई ऋणी पक्षकारान ने उपस्थित रहकर मामलों को निपटाने में अपनी अहम भूमिका निभाई।

मनमुटाव भूलकर एक हुए दम्पति:- लोक अदालत की भावना के चलते बैंच द्वितीय में विशिष्ठ न्यायाधीश अजा/अजजा (अनिप्र) प्रतापगढ़ अमित सहलोत की अध्यक्षता एवं सदस्य कमलसिंह गुर्जर की सदस्यता में पारिवारिक न्यायालय में लंबित एक प्रकरण में समझाईशवार्ता की। उक्त प्रकरण लम्बे समय से न्यायालय मंे अन्तर्गत धारा 125 भरण पोषण के तहत लंबित चल रहा था।

बैंच की समझाईशवार्ता के चलते उपस्थित दम्पति ने प्रकरण को राजीनामे से निस्तारित करने की सहमति जताई तथा पति-पत्नी बैंच को धन्यवाद देते हुए राजीखुशी एकदूसरे के साथ दाम्पत्य जीवन निर्वहन हेतु न्यायालय से रवाना हुए।

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पूर्णकालिक सचिव विक्रम सांखला ने न्यायिक अधिकारीगण, कर्मचारीगण, अभिभाषकगण, पक्षकारान एवं बैंक अधिकारीगण का आभार व्यक्त किया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,
प्रतापगढ़ (राज.)