मुकेश अंबानी 20 दिन तक उठा सकते हैं देश का खर्च

गौरव शर्मा —————- मुकेश अंबानी देश के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार हैं. लेक‍िन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी दिन मुकेश अंबानी को देश की सरकार का खर्च उठाने का मौका दिया जाए, तो वह कितने दिन तक खर्च उठा पाएंगे? तो जवाब है 20 दिन तक.

यह जवाब दिया है 2018 के रॉबिनहुड इंडेक्स ने. इस इंडेक्स में दुनियाभर के देशों के अमीरों की दौलत और उनके देश के एक दिन का खर्च निकालकर ये देखा गया है कि आख‍िर वे कितने दिनों तक अपने देश का खर्च उठा पाएंगे.

मुकेश अंबानी:इंडेक्स के मुताबिक दिसंबर 2017 तक मुकेश अंबानी की संपति 40.3 अरब डॉलर थी. वहीं, भारत के एक दिन के खर्च की बात करें, तो यह 1.98 अरब डॉलर प्रति दिन आता है. ऐसे में मुकेश अंबानी पूरे 20 दिन तक सरकार का खर्च उठा सकते हैं. इस मामले में मुकेश अंबानी ने चीन और अमेरिका के अमीरों को भी पीछे छोड़ दिया है

जेफ बेजोस: अमेरिका के अरबपति और ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस भी मुकेश अंबानी से पीछे हैं. अगर उन्हें अमेरिकी सरकार का खर्च उठाने की जिम्मेदारी दी जाए, तो वह सिर्फ 5 दिन तक ऐसा कर पाएंगे.

जेफ बेजोस की कुल संपति 99 अरब डॉलर है. उनके देश की सरकार का रोजाना खर्च 19.6 अरब डॉलर आता है

जैक मा:चीन के अरबपति और अलिबाबा प्रमुख जैक मा इस मामले में मुकेश अंबानी से काफी पीछे हैं. जैक मा को अगर चीन का खर्च उठाने का जिम्मा दिया गया, तो वह सिर्फ 4 दिन तक ऐसा कर पाएंगे

उनकी कुल दौलत 45.5 अरब डॉलर है. वहीं, चीन की सरकार का रोजाना का खर्च 11.20 अरब डॉलर है

ये 1 साल से ज्यादा दिन तक उठा सकते हैं खर्च:कई ऐसे देश भी हैं, जिनका एक दिन का खर्च भारत समेत अन्य बड़े देशों के मुकाबले काफी कम है. यूरोपीय देश सायप्रस के सबसे अमीर शख्स जॉन फ्रिडरिकसेन 441 दिन तक अपने देश का खर्च उठा सकते हैं

फ्रिडरिकसेन के पास जहां 10.4 अरब डॉलर की संपति है. वहीं, उनके देश के रोज का खर्च 2.36 करोड़ डॉलर है. इसी तरह जॉर्जिया के सबसे अमीर शख्स बिजीजना इविन्स्सिली अपने देश का खर्च 430 दिनों तक उठा सकते हैं

बिजीजना की कुल संपति 5.8 अरब डॉलर है. वहीं, उनके देश की सरकार को चलाने का रोज का खर्च 1.35 करोड़ डॉलर है

हांगकांग के ली का-सिंग की बात करें, तो वह यहां का खर्च 191 दिनों तक उठा सकेंगे. मलेश‍िया के रॉबर्ट कुओक ऐसा 95 दिन तक कर पाएंगे

रॉबिन हुड इंडेक्स क्या है? रॉबिन हुड इंडेक्स आर्थ‍िक आंकड़ों में असमानता दूर करने के लिए अपनाया जाने वाला तरीका है. इसकी बदौलत ही ब्लूमबर्ग ने 49 से भी ज्यादा देशों के अमीरों की संपति और सरकारों के खर्च के आधार पर रॉबिन हुड इंडेक्स, 2018 तैयार किया है

ये है फॉर्मूला : किसी देश की सरकार का रोजाना का खर्च निकालने के लिए पूरे साल के खर्च को 365 से भाग दिया गया है. सर्वे में हर देश के सबसे अमीर व्यक्ति की संपति के मुताबिक ही गणना की गई है

इसमें इन देशों के सबसे अमीर व्यक्त‍ि की संपति की जो गणना की गई है, वह दिसंबर तक उनके पास मौजूद संपति के आधार पर की गई है