महिलाओं को सशक्त बनना होगा ———-राज्यपाल श्रीमती पटेल

भोपाल :(राजेन्द्र राजपूत)———–राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि वर्तमान परिवेश में महिलाओं को सशक्त बनना होगा और जागरूक रहकर आगे बढ़ना होगा। अपनी सुरक्षा स्वयं करने का बुलन्द इरादा ही विपरीत परिस्थितियों में आत्मविश्वास प्रदान करता है।

आत्मविश्वास ही संघर्ष करने की शक्ति देता है। राज्यपाल आज यहां सरोजिनी नायडू कन्या शासकीय महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में छात्राओं को सम्बोधित कर रही थीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने छात्राओं को पुरस्कार भी वितरित किये।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हमें अपने भीतर का डर खत्म करना है।

महाविद्यालयों में छात्राओं को निडर होकर प्रवेश लेना चाहिए। आज महिलाएं जागरूक हो रही हैं । हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दिया है। हमारा कर्तव्य है कि हम बेटियों को बचाने के लिए आगे आयें।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करना तो जरूरी है, परन्तु अवार्ड प्राप्त करना उससे भी ज्यादा मेहनत का काम है। इसलिए शिक्षा को अपनी दृष्टि से देखें और आपको क्या बनना है, आपको किस क्षेत्र में महारत हासिल है, उस मार्ग पर ही आगे बढ़ें ।

श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हमें गरीब और शोषित वर्ग के कल्याण कार्यों में अपनी भागीदारी निभाना चाहिए। केन्द्र सरकार ने गरीबों के लिए 12 रूपये की जीवन बीमा योजना शुरू की है।

अगर हम अपने खर्च से 12 रूपये बचाकर गरीब के नाम से बीमा करा देंगे, तो बाद में उसे लगभग दो लाख रूपये का लाभ मिल सकता है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि पुरूषों की तुलना में महिलाओं की जवाबदारी अधिक होती है, उन्हे घर-परिवार का ध्यान रखने के साथ बाहर का काम भी करना पड़ता है।

राज्यपाल ने कु. मोहित जोशी को शंकरदयाल शर्मा बेस्ट आलराउंडर पुरस्कार, कु.अकांक्षा मिश्रा को श्रीमती विमला शर्मा मोमोरियल पुरस्काऱ,कु.ज्योति तिवारी को समीर मल्होत्रा स्मृति पुरस्कार, कु.नाजी किदवई को श्रीमती सुष्मिता चक्रवर्ती पुरस्कार, कु.मृगनालनी कवीराज को बंसल जोशी पुरस्कार, तथा कु पूजा यादव को विमला कपूरिया पुरस्कार तथा एनसीसी और एनएसएस में भाग लेने वाली छात्राओं को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया।

महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंजुला शर्मा ने समारोह में महाविद्यालयीन गतिविधियों की जानकारी दी।