भुल्लर की दया याचिका खारिज

नई दिल्ली: वर्ष 1993 दिल्ली बम धमाके में दोषी देवेंद्र सिंह भुल्लर की फांसी की सजा बरकरार रखी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उसकी दया याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने भुल्लर की दलील खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि भुल्लर को फांसी होगी। भुल्लर ने फांसी में सजा की देरी को माफी का आधार बनाकर याचिका दायर की थी।
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भुल्लर के मामले में यह दलील दी गयी थी कि अत्यधिक लंबे समय तक काल कोठरी में मौत की सजा की बाट जोहना क्रूरता है और इससे संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदत्त मौलिक अधिकार का हनन होता है।

भुल्लर को सितंबर, 1993 में बम विस्फोट के सिलसिले में मौत की सजा सुनायी गयी थी। इस विस्फोट में नौ व्यक्ति मारे गये थे। सुप्रीम कोर्ट ने 26 मार्च 2002 को भुल्लर की अपील खारिज करते हुये उसकी मौत की सजा बरकरार रखी थी। न्यायालय ने भुल्लर की पुनर्विचार याचिका 17 दिसंबर, 2002 को और फिर 12 मार्च, 2003 को उसकी सुधारात्मक याचिका भी खारिज कर दी थी।

इस बीच, भुल्लर ने राष्ट्रपति के समक्ष 14 जनवरी, 2003 को दया याचिका दायर की थी। राष्ट्रपति ने आठ साल बाद पिछले साल 25 मई को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी।