बैंकर्स समिति की बैठक —स्वीकृत ऋण एवं अनुदान प्रकरणों की बैंक-वार और जिले-वार समीक्षा

रायपुर—————— अपर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की गई।
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बैठक में राज्य और केन्द्र शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत ऋण एवं अनुदान प्रकरणों की बैंक-वार और जिले-वार समीक्षा की गयी।

हितग्राहियों के बैंक खातों में आधार नम्बर और मोबाईल सीडिंग, डिजिटल पेमेंट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नए बैंक शाखाएं खोलने तथा एटीएम नेटवर्क की प्रगति की भी समीक्षा की गयी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावा प्रकरणों के तत्काल निराकरण, किसानों की आय दोगुनी करने की योजना के तहत अधिक से अधिक वित्तीय प्रकरण तैयार करने, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं स्टेण्ड-अप इंडिया के तहत अधिक से अधिक प्रकरण स्वीकृत करने के निर्देश बैठक में उपस्थित विभिन्न बैंकों के अधिकारियों को दिए।

बैठक में बैंकर्स समिति के संयोजक एवं उप महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक श्री ब्रम्हा सिंह ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों और निर्देशों के पालन प्रतिवेदन से अवगत कराया। उन्होंने प्रस्तुतिकरण के जरिये बैंक-वार ऋण एवं अनुदान प्रकरणों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार वित्त मंत्रालय ने राज्य के उन सभी चालू और बचत बैंक खाता धारकों के बैंक खाता को आधार एवं मोबाईल नम्बर से 31 मार्च 2018 तक अनिवार्य रूप से सीडिंग करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत विभिन्न बैंकों में खोले गए खातों सहित राज्य में दो करोड़ 49 लाख 69 हजार खाते खुले हैं, इनमें से एक करोड़ 96 लाख 38 हजार खाते आधार नम्बर से और एक करोड़ 48 लाख 23 हजार खाते मोबाईल नम्बर से सीडिंग हो चुके है।

बैठक में बताया गया कि 30 नवम्बर 2017 तक बैंकों द्वारा 86 लाख 72 हजार रूपे कार्ड जारी किए गए है। इनमें से 60 लाख 17 हजार खाते प्रधानमंत्री जन-धन योजना खाते से लिंग हो चुके है तथा 23 लाख 57 हजार रूपे कार्ड का उपयोग भी किया जा रहा है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में डिजिटल भुगतान प्रकिया में काफी तेजी आयी है। विगत नौ माह में डेबिट कार्ड के जरिये एक करोड़ 48 लाख 19 हजार, इन्टरनेट बैकिंग के जरिये 16 लाख 79 हजार, मोबाईल बैंकिंग के जरिये नौ लाख नौ हजार, क्रेडिट कार्ड के जरिये 96 हजार और पीओएस के जरिये 36 हजार ट्रांजक्शन हुए है।

बैठक में बताया गया कि पिछले पांच महीनों में गांव और पंचायत स्तर पर 107 डिजिटल साक्षरता शिविरों का आयोजन करके 23 हजार 500 लोगों को डिजिटल साक्षर बनाया गया। राज्य में अब तक प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के तहत 54 लाख 86 हजार 914 लोगों के पंजीयन किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में नवम्बर माह तक एक लाख 76 हजार 833 लोगों को एक हजार 440 करोड़ रूपए के ऋण स्वीकृत किए गए है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ मौसम 2017 में 12 लाख 95 हजार 492 किसानों के बीमा सुरक्षा में शामिल किया गया हैं, जिसका प्रीमियम राशि 132 करोड़ 72 लाख रूपए है।

बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय समीक्षा की गयी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.पी.मण्डल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यम, भारत सरकार वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री अमित अग्रवाल, सचिव वित्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव ग्रामोद्योग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव तकनीकी शिक्ष सुश्री शहला निगार, विशेष सचिव श्रम श्रीमती आर.शंगीता, विशेष सचिव खाद्य श्री मनोज सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा भारतीय स्टेट बैंक, नाबार्ड, बैंक ऑफ बड़ोदा, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, एक्सिस बैंक, एच.डी.एफ.सी. बैंक, आई.सी.आई.सी. बैंक, अपेक्स बैंक एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक सहित अन्य विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।