बीमार औद्योगिक इकाइयों को मिलेगी रियायतें : राज्य मंत्री श्री पाठक

भोपाल :(ऋषभ जैन)———प्रदेश में लघु-स्तर की बीमार औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करने के लिये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग पॉलिसी पैकेज बनवाकर रियायतों ओर वित्तीय सहायता की सुविधा उपलब्ध करायेगा।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने एमएसएमई विकास नीति-2017 में किये गये प्रावधान की चर्चा करते हुए यह जानकारी दी।

राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि बीमार लघु औद्योगिक इकाइयों की ऊर्जा विभाग या किसी अन्य शासकीय बकाया की चालू देनदारियों की राशि को 5 वर्ष की अवधि के लिये आस्थगित किया जा सकेगा।

पुनर्जीवन के लिये बैंक द्वारा दिये गये ऋण का 5 फीसदी ब्याज अनुदान, अधिकतम 25 लाख रुपये 5/7 साल तक एमएसएमई विभाग उपलब्ध करायेगा। सीपीएफ गुणवत्ता और पेटेंट पर रियायत को व्यवहार्य बीमार इकाइयों तक विस्तारित किया जायेगा।

श्री पाठक ने बताया कि लघु-स्तर की बीमार इकाइयों की पहचान करने के साथ ही बैंकों के साथ समन्वय कर एक सकल पुनर्जीवन पैकेज तैयार किया जायेगा।

संभावित बीमार इकाइयों की पहचान होगी

रुग्णता के लक्षण वाली लघु इकाइयों को सुविधा प्रदान करना तथा ऋण प्रवाह की निगरानी के लिये उद्योग आयुक्त एमएसएमई विभाग की अध्यक्षता में साधिकार समिति गठित होगी।

साधिकार समिति में संबंधित विभाग, जिसकी देनदारियों को स्थगित किया जाना है, के वरिष्ठ नामित अधिकारी तथा संबंधित बैंक शाखा के क्षेत्रीय प्रबंधक सदस्य होंगे और एमएसएमई विभाग के संयुक्त/उप संचालक समिति के सदस्य सचिव होंगे।